Edited By Purnima Singh,Updated: 22 Jul, 2026 01:55 PM

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर कांग्रेस के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन को ''गैर-जिम्मेदाराना'' करार दिया और आरोप लगाया कि यह प्रधानमंत्री की सुरक्षा से समझौता करने का प्रयास...
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर कांग्रेस के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन को ''गैर-जिम्मेदाराना'' करार दिया और आरोप लगाया कि यह प्रधानमंत्री की सुरक्षा से समझौता करने का प्रयास है। उपमुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा, ''नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और उनकी पार्टी का जो कल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर धरना था। वह गैर-जिम्मेदाराना था।
यह प्रधानमंत्री की सुरक्षा को खतरे में डालने का प्रयास था। भारत सरकार के मंत्री जितेंद्र सिंह उनसे मिलकर आए और नीट पर चर्चा कराने की सहमति दी। उसके बाद भी धरने पर बैठे रहना एक तरह से पूरी व्यवस्था का मजाक उड़ाने के प्रयास जैसा था।'' भाजपा नेता ने कहा, ''एक तरफ आम आदमी पार्टी जिसका अस्तित्व समाप्त हो रहा है। वह अराजकता पर उतारू है, कानून व्यवस्था को ध्वस्त करने पर उतारू है। तो दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी की अगुवाई में समाजवादी पार्टी के मुखिया 'अखिलेश यादव एंड कंपनी', ये सारे लोग माहौल को खराब करने में लगे हुए हैं।''
मौर्य ने कहा कि कोई भी विषय है उसकी चर्चा संसद में होती है। जब संसद का सत्र चल रहा हो, तब सड़क पर इस प्रकार के उपद्रव व धरने-प्रदर्शन की जरूरत नहीं होती है। उपमुख्यमंत्री ने कहा, ''अगर उनके पास मुद्दे हैं, तो उन्हें संसद में उठाना चाहिए। लोकतांत्रिक राजनीति में इस तरह के सड़क पर विरोध-प्रदर्शन को किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता है।''