Edited By Anil Kapoor,Updated: 06 Sep, 2026 07:13 AM

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद दुखद और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। जहां किरतपुर इलाके में बीते शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश के दौरान प्रशासनिक लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। सड़क पर लबालब भरे पानी के कारण ढका न होने से खुला...
Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद दुखद और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। जहां किरतपुर इलाके में बीते शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश के दौरान प्रशासनिक लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। सड़क पर लबालब भरे पानी के कारण ढका न होने से खुला नाला दिखाई नहीं दिया और 12 साल का मासूम हम्माद उसमें समा गया। पानी के तेज बहाव में बहने के कारण उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम और आक्रोश का माहौल है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, किरतपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला अंसारियान निवासी अफजल पेशे से रिक्शा चालक हैं। शनिवार को इलाके में जब तेज बारिश हो रही थी, तब उनका 12 वर्षीय बेटा हम्माद ईदगाह रोड की तरफ जा रहा था। बारिश के कारण पूरी सड़क जलमग्न हो चुकी थी और नाले व सड़क का अंतर पूरी तरह खत्म हो गया था। जब हम्माद इस्लामिया इंटर कॉलेज के गेट के पास पहुंचा, तभी उसका पैर अचानक खुले नाले में चला गया।
बताया जा रहा है कि नाले में गिरते ही पानी के भारी प्रवाह के कारण बच्चा संभल नहीं सका और बहता चला गया। कॉलेज गेट के पास सब्जी की ठेली लगाने वाले लोगों ने जब मासूम को नाले में समाते देखा तो वे चीख पड़े। आनन-फानन में आसपास के लोग इकट्ठा हुए और बहाव की दिशा में हम्माद की तलाश शुरू की गई। करीब आधा किलोमीटर दूर एक पाइप के पास हम्माद का शरीर फंसा हुआ मिला।
स्थानीय लोगों ने भारी मशक्कत के बाद उसे पाइप से बाहर निकाला, लेकिन तब तक मासूम की सांसें थम चुकी थीं। बच्चे को बाहर निकालने का यह दर्दनाक मंजर पास ही लगे एक CCTV कैमरे में भी कैद हुआ है। जब मासूम का बेजान शरीर घर पहुंचा तो परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा दो भाइयों में से एक हम्माद की मौत से उसकी मां और पिता अफजल का रो-रोकर बुरा हाल है।
वहीं इस हादसे ने एक बार फिर स्थानीय निकाय और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय निवासियों में भारी गुस्सा है। लोगों का सीधा आरोप है कि अगर प्रशासन ने समय रहते खुले नालों को ढकने की जहमत उठाई होती, तो आज एक गरीब का बच्चा जिंदा होता। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि कस्बे के सभी खुले नालों को तुरंत ढका जाए, ताकि भविष्य में किसी और मां की गोद सूनी न हो।