Edited By Purnima Singh,Updated: 20 Jul, 2026 05:43 PM

लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी फरियादियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना, उनकी समस्याएं सुनीं, प्रार्थना-पत्र प्राप्त किए और उनके उचित एवं समयबद्ध निस्तारण का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने राजस्व और पुलिस से जुड़े...
Lucknow News : लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी फरियादियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना, उनकी समस्याएं सुनीं, प्रार्थना-पत्र प्राप्त किए और उनके उचित एवं समयबद्ध निस्तारण का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों में लापरवाही की शिकायतों पर सख्त रुख भी अपनाया।
खिलाड़ियों को पदक जीतने और सरकारी नौकरी के लिए किया प्रेरित
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जनता दर्शन में कई खिलाड़ी भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उनसे खेलों की तैयारी और अब तक जीते गए पदकों के बारे में जानकारी ली। अपेक्षित जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने कहा, ''आप सभी पूरी मेहनत कीजिए। उत्तर प्रदेश सरकार खिलाड़ियों की लगातार सीधी भर्ती कर रही है। कई खिलाड़ियों को पुलिस उपाधीक्षक,
तहसीलदार सहित विभिन्न पदों पर नियुक्ति दी गई है।''
उन्होंने कहा, ''आप भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर आइए। सरकार आपको पुरस्कार राशि के साथ नौकरी भी देगी, लेकिन इसके लिए कड़ी मेहनत और पसीना बहाना होगा।'' मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
पारिवारिक विवादों पर दी समझाइश
जनता दर्शन में पारिवारिक विवादों से जुड़े मामले भी सामने आए, जिस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित पक्षों से विस्तृत जानकारी ली और उन्हें परामर्श दिया। उन्होंने ऐसे विवादों के दुष्परिणामों से आगाह करते हुए कहा कि इनका सबसे अधिक असर बच्चों पर पड़ता है। उन्होंने सलाह दी कि परिवार के बड़े-बुजुर्गों की मौजूदगी में आपसी बातचीत से विवाद सुलझाए जाएं और निजी मामलों में बाहरी लोगों को शामिल न किया जाए।
शिकायतों के निस्तारण में देरी पर जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री के समक्ष राजस्व और पुलिस से संबंधित शिकायतें भी आईं। उन्होंने शिकायतकर्ताओं से पूछा कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कितने दिन पहले शिकायत की थी। शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा, ''यह हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समयसीमा के भीतर शिकायतों का निस्तारण न करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।''