श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी: जन्माष्टमी पर बांकेबिहारी मंदिर की मंगला आरती का होगा LIVE प्रसारण, रात 1:55 बजे दर्शन

Edited By Ramkesh,Updated: 02 Sep, 2026 03:52 PM

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जन्माष्टमी के अवसर पर वृन्दावन के बांकेबिहारी मंदिर में वर्ष में केवल एक बार मध्यरात्रि पश्चात होने वाली मंगला आरती का पहली बार सीधा प्रसारण किया जाएगा। इसके लिए मंदिर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती आम तौर पर...

मथुरा: जन्माष्टमी के अवसर पर वृन्दावन के बांकेबिहारी मंदिर में वर्ष में केवल एक बार मध्यरात्रि पश्चात होने वाली मंगला आरती का पहली बार सीधा प्रसारण किया जाएगा। इसके लिए मंदिर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती आम तौर पर सुबह दिन निकलने के बाद ही होती है। परंतु, जन्माष्टमी के अवसर पर मध्यरात्रि में महाभिषेक संपन्न होने के उपरांत रात में ही 1.45 बजे से दर्शन खोले जाने के 10 मिनट बाद 1.55 बजे मंगला आरती शुरू हो जाएगी।

 उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर बांकेबिहारी मंदिर के कुशल प्रबंधन के लिए गठित की गई उच्चाधिकार प्राप्त समिति के अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश अशोक कुमार ने कहा कि बांकेबिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मंगला आरती का आयोजन विशेष महत्व रखता है तथा यह आरती वर्ष में केवल एक बार होती है, इसलिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु रात से ही बड़ी संख्या में मंदिर के बाहर एकत्रित होने लग जाते हैं।

समिति के अध्यक्ष के अनुसार, ऐसे में व्यवस्था बनाए रखने के लिए केवल 600 श्रद्धालु ही मंदिर प्रांगण में दर्शन के लिए प्रवेश पा सकेंगे। इस मौके पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए केवल उन्हीं श्रद्धालुओं को प्रवेश मिल सकेगा, जिनके पास विशेष प्रवेश पास होंगे। यहां तक कि मंदिर के सेवायत गोस्वामी भी पास होने पर ही प्रवेश कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि अन्य सभी श्रद्धालुओं को भी दर्शन सुलभ कराने के लिए मंदिर प्रबंधन ने मंगला आरती का सीधा प्रसारण किए जाने की व्यवस्था की है, जिससे दुनिया भर में कहीं भी निवास करने वाले श्रद्धालु ऑनलाइन दर्शन कर पाएंगे।

 कुमार ने कहा कि इसके बाद ठाकुरजी के विशेष दर्शन सुबह पांच से छह बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे। बिहारी जी के अलावा वृन्दावन के इस्कॉन मंदिर, चंद्रोदय मंदिर, रंगजी मंदिर व प्रेम मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी जन्मोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ठा. राधारमण मंदिर, शाहजी मंदिर एवं ठा. राधा दामोदर आदि मंदिरों में चार सितंबर को अष्टमी तिथि पर दिन में ठाकुर जी का जन्माभिषेक संपन्न होगा। गोकुल के पुजारी मथुरा दास ने बताया कि उनके यहां प्राचीन परंपरा के अनुसार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पूर्व तीन सितंबर को शाम सात बजे छठ पूजा की जाएगी और चार सितंबर को अन्य मंदिरों के समान रात में 12 बजे अभिषेक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अगले दिन सुबह 10 बजे से रास चबूतरा पर नन्दोत्सव मनाया जाएगा।
 

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