Edited By Ramkesh,Updated: 07 Jan, 2026 01:50 PM

मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची (SIR) से जुड़े कार्यों को लेकर मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और अपात्रों के नाम हटाने के कार्य में लापरवाही बरती गई तो इसका सबसे अधिक...
लखनऊ: मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची (SIR) से जुड़े कार्यों को लेकर मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और अपात्रों के नाम हटाने के कार्य में लापरवाही बरती गई तो इसका सबसे अधिक नुकसान स्वयं मंत्रियों और सरकार को उठाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है और इसमें किसी भी प्रकार की चूक स्वीकार्य नहीं होगी।
अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर स्वयं निगरानी रखें
मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर स्वयं निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि फाइलों और बैठकों से बाहर निकलकर ज़मीनी स्तर पर काम किया जाए। मंत्रियों को आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया को तेज़ करने के साथ-साथ छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम अनिवार्य रूप से जुड़वाने का लक्ष्य दिया गया है। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि किसी भी दशा में पात्र मतदाता छूटना नहीं चाहिए।
त्रुटिरहित मतदाता सूची से लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत होगी
उन्होंने मंत्रियों को चेताते हुए कहा कि यदि वे ढीले पड़े तो इसका राजनीतिक और प्रशासनिक खामियाजा उन्हें ही भुगतना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची पर जितनी मेहनत आज की जाएगी, उतना ही आगे का रास्ता आसान होगा। निष्पक्ष, शुद्ध और त्रुटिरहित मतदाता सूची से न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत होगी, बल्कि जनविश्वास भी बढ़ेगा।
बूथ स्तर तक सही जानकारी ले
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि क्षेत्र में रहकर निगरानी करना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। हर मंत्री को यह सुनिश्चित करना होगा कि बूथ स्तर तक सही जानकारी पहुंचे और कार्यकर्ता सक्रिय रहें। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि मंत्रियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें और समयबद्ध तरीके से सभी आपत्तियों का निस्तारण करें।
पात्र नागरिक का नाम हर हाल में मतदाता सूची में हो
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है—हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में हो और कोई भी अपात्र व्यक्ति उसमें शामिल न रहे। इसी लक्ष्य के साथ सभी मंत्रियों को पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ काम करना होगा।