स्वरोजगार योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रकोष्ठ का गठन

Edited By Nitika,Updated: 07 Aug, 2020 05:03 PM

cell constituted in chief minister office

उत्तराखंड सरकार ने राज्य के विभिन्न विभागों में संचालित स्वरोजगार योजनाओं की गतिविधियों के बेहतर क्रियान्वयन के संबंध में एक प्रकोष्ठ का गठन किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय में गठित इस प्रकोष्ठ को राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने अनुमति दे दी।

देहरादूनः उत्तराखंड सरकार ने राज्य के विभिन्न विभागों में संचालित स्वरोजगार योजनाओं की गतिविधियों के बेहतर क्रियान्वयन के संबंध में एक प्रकोष्ठ का गठन किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय में गठित इस प्रकोष्ठ को राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने अनुमति दे दी।

उत्तराखंड पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी की अध्यक्षता में गठित इस प्रकोष्ठ के 2 अन्य सदस्य महेंद्र सिंह कुंवर और आलोक भट्ट होंगे। कुंवर एक गैर सरकारी संस्था हार्क से जुड़े हैं जबकि भट्ट मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार हैं। एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत सभी सरकारी विभागों में चल रही स्वरोजगार योजनाओं को शामिल किया गया है और यह प्रकोष्ठ राज्य स्तर पर सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगा। उद्यान, कृषि, माइक्रो फूड प्रोसेसिंग, पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, पोल्ट्री, जैविक कृषि आदि सभी विभागों की स्वरोजगार योजनाओं को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत लाकर उनपर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। योजना में 150 से अधिक कार्य शामिल किए गए हैं।

युवाओं और प्रदेश में लौटे प्रवासियों के लिए एमएसएमई के तहत बनाई गई। इस योजना में निर्माण और सेवा क्षेत्र में स्वरोजगार शुरू करने के लिए ऋण व अनुदान की व्यवस्था भी की गई है। योजना में विनिर्माण के क्षेत्र में 25 लाख रू और सेवा क्षेत्र में 10 लाख रू तक की लागत की परियोजना पर ऋण लिया जा सकेगा और इसमें 25 प्रतिशत तक अनुदान की भी व्यवस्था है। प्रकोष्ठ के अध्यक्ष नेगी ने बताया कि उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में स्वरोजगार को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएंगे ताकि युवा स्वरोजगार अपनाने के साथ ही अन्यों को भी रोजगार दे सकें।

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!