Edited By Ramkesh,Updated: 11 Jan, 2026 03:18 PM

काशी में जी राम जी बिल के विरोध में कांग्रेस और उसके छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) के प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस ने एनएसयूआई अध्यक्ष को धक्का देकर सड़क पर गिरा दिया और कार्यकर्ताओं को घसीटते हुए गाड़ियों में भरकर हिरासत...
वाराणसी (विपिन मिश्रा ): काशी में जी राम जी बिल के विरोध में कांग्रेस और उसके छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) के प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस ने एनएसयूआई अध्यक्ष को धक्का देकर सड़क पर गिरा दिया और कार्यकर्ताओं को घसीटते हुए गाड़ियों में भरकर हिरासत में लिया। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल खुद सड़क पर उतर आए और बल प्रयोग के निर्देश दिए।

कांग्रेस ने जी राम जी बिल के विरोध में बड़े आंदोलन का ऐलान किया था, जिसमें प्रदेशभर से एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के वाराणसी पहुंचने की सूचना थी। इसी को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा। अब तक 12 से अधिक कांग्रेस व एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा चुका है।

कमिश्नर खुद उतरे सड़क पर
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि यदि कोई जबरदस्ती करे या कानून व्यवस्था बिगाड़े, तो उसके खिलाफ बल प्रयोग किया जाए। पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है और करीब 1000 पुलिसकर्मियों को सड़कों पर तैनात किया गया है।
45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत 45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत मार्च निकालने वाले थे। सुबह उनके आवास के बाहर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी। इसके बावजूद वह करीब 50 कार्यकर्ताओं के साथ निकले, लेकिन टाउनहॉल चौराहे पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद अजय राय गांधी प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए और उपवास शुरू कर दिया।
प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय का घेराव
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय के घेराव का ऐलान किया था। कार्यकर्ताओं को बीएचयू के सिंह द्वार पर जुटने का निर्देश दिया गया था। यहां से लगभग 3 किलोमीटर लंबा मार्च प्रस्तावित था। हालात को देखते हुए बीएचयू सिंह द्वार और प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय के आसपास करीब 500-500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। तीन स्तर की बैरिकेडिंग लगाई गई है और आगे बढ़ने से रोकने के लिए रस्सियों व बैरिकेड्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है।