कानपुर ब्लास्ट की चश्मदीद जान्हवी बोलीं: 'धुआं ही धुआं था… लगा अब जिंदा नहीं बचेंगे!' – हादसे की दिल दहला देने वाली आंखों देखी कहानी

Edited By Anil Kapoor,Updated: 09 Oct, 2025 02:24 PM

the heartbreaking story of the kanpur accident as told by eyewitness janhavi

Kanpur News: उत्तर प्रदेश में कानपुर  जिले के मेस्टन रोड पर हुए खौफनाक स्कूटी विस्फोट की घटना ने लोगों के दिलों में डर और सिहरन पैदा कर दी है। बुधवार शाम करीब 7:20 बजे अचानक हुए इस धमाके में कुल 8 लोग घायल हो गए थे, जिनमें 4 की हालत गंभीर बताई जा...

Kanpur News: उत्तर प्रदेश में कानपुर  जिले के मेस्टन रोड पर हुए खौफनाक स्कूटी विस्फोट की घटना ने लोगों के दिलों में डर और सिहरन पैदा कर दी है। बुधवार शाम करीब 7:20 बजे अचानक हुए इस धमाके में कुल 8 लोग घायल हो गए थे, जिनमें 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर कर दिया गया। हालांकि प्रशासन की रिपोर्ट के अलावा, इस हादसे का असर वहां मौजूद लोगों के दिल-दिमाग पर भी गहरा पड़ा है।

हादसे के वक्त वहां क्या हुआ, जान्हवी सोनकर ने बताया अपना दर्द
20 साल की जान्हवी सोनकर और उनकी बहन नेहा सोनकर उस वक्त विस्फोट वाली दुकान के बगल वाली दुकान में कपड़े खरीद रही थीं। अचानक हुए जोरदार धमाके ने दोनों बहनों को बुरी तरह घायल कर दिया। जान्हवी की मां अंजू सोनकर आज भी उस दर्दनाक पल को याद कर कांप उठती हैं। उनका कहना है कि भगवान का शुक्र है कि मेरी बेटियां जिंदा हैं, वरना यह हादसा उनकी जान भी ले सकता था। जान्हवी बताती हैं कि विस्फोट इतना तेज था कि कुछ सेकंड के लिए उन्होंने कुछ सुनाई ही नहीं दिया। चारों तरफ धुआं और अंधेरा छा गया था। उनके हाथ-पैर जल गए, कान के नीचे चोट और जलन के निशान हैं, साथ ही उनके बाल भी झुलस गए। इतनी तेजी से सब कुछ हुआ कि वे लगभग 4 हजार रुपये के कपड़े वहीं दुकान में छोड़कर भाग गईं। नेहा को भी गंभीर चोटें आईं, जिन्हें तुरंत पति और ससुराल वाले लेने आए और वह वहां से चली गईं। जान्हवी फिलहाल ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही हैं और घर पर मां के साथ हैं, लेकिन हादसे की यादें उनके दिल और दिमाग से मिट नहीं रही हैं।

पीड़ित परिवार की सरकार और प्रशासन से मांग
जान्हवी की मां अंजू सोनकर ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि वे इस घटना की सही वजह पता करें और जो भी इसके जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस को इस धमाके के पीछे की सच्चाई जाननी होगी, क्योंकि थोड़ी सी देर होती तो मेरी बेटी की जान भी जा सकती थी। स्थानीय लोग भी मानते हैं कि प्रशासन ने जहां केवल आठ घायलों की जानकारी दी है, वहीं और भी लोग विस्फोट की चपेट में आए थे और अब भी इस हादसे की वजह से मानसिक रूप से परेशान हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में लगी है और जिम्मेदारों की तलाश जारी है।

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