Edited By Ajay kumar,Updated: 04 Apr, 2023 06:17 PM

परिवहन निगम प्रबंधन अपने बेड़े से 1,500 बूढ़ी बसों को हटाने के बाद नई बसों की फ्लीट बढ़ाने में तेजी से लगा है। आगामी वर्ष पड़ने वाले कुंभ से पहले पांच हजार बसों को बेड़े से जोड़ा जाएगा। इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर तेजी से उस पर अमल शुरू कर दिया है।...
लखनऊ : परिवहन निगम प्रबंधन अपने बेड़े से 1,500 बूढ़ी बसों को हटाने के बाद नई बसों की फ्लीट बढ़ाने में तेजी से लगा है। आगामी वर्ष पड़ने वाले कुंभ से पहले पांच हजार बसों को बेड़े से जोड़ा जाएगा। इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर तेजी से उस पर अमल शुरू कर दिया है। निगम प्रशासन ने इस बडे. बेडे को बढ़ाने के लिए लक्ष्य तय कर दिया है। साथ ही नीलामी के लिए एक साल की बसों की संख्या भी तय कर दी है। इन बसों को चरणबद्ध तरीके से जोड़ा जाएगा।

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम प्रबंधन आमजन की यात्रा को और बेहतर बनाने की तैयारी में जुट गया है। इसके तहत 3,000 नई बसों को साल 2023 तक बेड़े से जोड़ दिया जाएगा। दूसरे चरण में 2,000 नई बसों को लाया जाएगा। पांच सौ नई बसों को बेड़े में शामिल भी किया जा चुका है। निगम प्रशासन मान कर चला रहा है कि कुंभ से पूर्व 5,000 नई बसों को रोडवेज में शामिल कर लिया जाए। निगम प्रबंधन के मुताबिक अप्रैल 23 से लेकर मार्च 24 के बीच 2,817 उम्रदराज खटारा बसों को नीलाम किए जाने की योजना पर भी काम शुरू किया जा चुका है।

बेटियों के हाथों में UP के परिवहन की स्टेयरिंग
उत्तर प्रदेश में किसी गंतव्य तक जाने के लिए यदि आप यूपी रोडवेज की बस को चुनते हैं तो हो सकता है कि आपका टिकट काटने वाली कंडक्टर कोई महिला हो। ये आपके लिए सामान्य बात हो सकती है, क्योंकि यूपी रोडवेज में काफी समय से महिला कंडक्टर इस जिम्मेदारी का निर्वहन कर रही हैं। हालांकि सफर के दौरान यदि आपकी नजर ड्राइविंग सीट की ओर जाए और वहां किसी महिला को बस ड्राइव करते देखें तो चौक मत जाइएगा। बेटियां अब उप्र की परिवहन सेवा की भी स्टेयरिंग भी संभाल रही हैं। 2022 में ही यूपी रोडवेज ने पहली बार रोडवेज बस की ड्राइविंग सीट पर महिला ड्राइवर को बिठाया था और तब से अब तक कई और महिलाएं इस भूमिका के लिए तैयार हो चुकी हैं।