'सपा-कांग्रेस का दिल-दिमाग गंदा, नीला कपड़ा पहनने से क्या होगा?' Mayawati का तीखा हमला

Edited By Anil Kapoor,Updated: 11 Sep, 2026 12:16 PM

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बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे को लेकर सवाल उठाए हैं।  उन्होंने कहा कि इन दलों द्वारा नीला रंग अपनाने और नीला कपड़ा इस्तेमाल...

Lucknow News: बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे को लेकर सवाल उठाए हैं।  उन्होंने कहा कि इन दलों द्वारा नीला रंग अपनाने और नीला कपड़ा इस्तेमाल करने से गरीबों, दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और अन्य उपेक्षित वर्गों के प्रति वर्षों से चली आ रही जातिवादी, संकीर्ण, सामंतवादी एवं पूंजीवादी सोच नहीं बदल सकती।

मायावती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि इन वर्गों के प्रति वास्तव में हित और कल्याण की भावना रखने वालों को अपना दिल और दिमाग साफ करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के पीडीए की बात करने वाले नेताओं की सोच, चाल, चरित्र और चेहरा दोहरा व बईमानी वाला रहा है। उन्होंने कहा कि बसपा अनुशासनहीनता आदि के कारण समय-समय पर जिन लोगों को पार्टी से निकालती है, उनमें से कुछ लोग दूसरी पार्टियां और छोटे-छोटे संगठन बना लेते हैं। ऐसे लोगों को स्वार्थी और अवसरवादी बताते हुए मायावती ने कहा कि वे किसी भी पार्टी के हित में नहीं हो सकते। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि ऐसी पार्टियां बिना किसी गठबंधन के चुनाव नहीं लड़ सकतीं और सत्ता में शामिल हुए बिना सत्ता का सुख नहीं छोड़तीं। उन्होंने दूसरी पाटिर्यों से नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल करने की कोशिश करने वालों को पहले अपना गिरेबान झांकने की सलाह दी।

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मायावती ने कहा कि बसपा से निकाले गए लोगों को दूसरी पार्टी में शामिल करना ऐसा होगा जैसे डूबते जहाज में सवार होना। उन्होंने कहा कि खासकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और बहुजन समाज के हित में बसपा से दूरी बनाने वाले नेताओं को मौजूदा हालात में पार्टी और समाज के हित को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिस दिन पार्टी ने उन्हें अध्यक्ष पद से हटाकर दूसरी जिम्मेदारी लेने के लिए कहा था, उस दिन उन्होंने दबाव के बावजूद तत्काल संन्यास की घोषणा नहीं की थी। बसपा अध्यक्ष ने बताया कि पूरी रात घटनाक्रम को रोकने के लिए प्रयास किए गए, जिसके बाद अगले दिन सुबह करीब 6:30 बजे उन्हें संन्यास की घोषणा करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि सही समय आने पर इस पूरे घटनाक्रम के बारे में पार्टी कार्यकर्ताओं को और जानकारी दी जाएगी।

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