सीएम योगी और पीएम मोदी की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहा विपक्ष, कफ सिरप तस्करी मामले पर बोले पूर्व सांसद धनंजय सिंह

Edited By Ramkesh,Updated: 29 Nov, 2025 01:41 PM

opposition trying to tarnish the image of cm yogi and pm modi

कफ सिरप तस्करी मामले को लेकर बीजेपी नेता और पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने एक पोस्ट कर विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि कफ़ सिरफ़ के मुद्दे पर मेरे कुछ राजनैतिक विरोधियों ने पत्रकार बंधुओं को गुमराह कर के मेरे बारे में...

जौनपुर: कफ सिरप तस्करी मामले को लेकर बीजेपी नेता और पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने एक पोस्ट कर विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि कफ़ सिरफ़ के मुद्दे पर मेरे कुछ राजनैतिक विरोधियों ने पत्रकार बंधुओं को गुमराह कर के मेरे बारे में भ्रामक्ता फैलाने का कृत्य किया है।

इस सम्बन्ध में मैं आपको अवगत कराना चाहता हूं कि प्रकरण काशी /वाराणसी से जुड़ा होने के कारण कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं के द्वारा झूठे आरोप लगाकर माननीय प्रधानमंत्री जी के छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकरण की जांच राज्य सरकार द्वारा गहनता से विभिन्न एजेंसियों के द्वारा कराई जा रही है जिससे प्रकरण की सत्यता सबके सामने आ जायेगी।

चूंकि यह मामला अंतर्राजीय है अतः माननीय प्रधानमंत्री जी और माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि इस मामले की व्यापक जांच सीबीआई से कराई जाये जिससे दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही सुनिश्चित हो और अनर्गल आरोपों और झूठी खबरों पर विराम लग सके। आप सभी को मैं यह भी बताना चाहता हूं कि इस सम्बन्ध में मैं मा.प्रधानमंत्री जी और मा. मुख्यमंत्री जी को पत्र लिख रहा हूँ जिससे भ्रामक खबर चलवाने तथा राज्य सरकार की छवि धूमिल करने वालों का चेहरा उजागर हो सके।

आप को बता दें कि कफ सिरप के किंगपिन माने जाने वाले शुभम जायसवाल का नेटवर्क न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, राजस्थान से होते हुए बांग्लादेश तक फैला हुआ था। तस्करी के लिए यह गिरोह लगातार नए तरीके ढूंढता था—कभी नमकीन व चिप्स के पैकेटों में बोतलें छिपाई जाती थीं, तो कभी चूने की बोरियों और पेंट की बाल्टियों के बीच इन्हें भरकर भेजा जाता था।

कफ सिरप की बोतलें बरामद 
अक्टूबर में जब पुलिस ने सोनभद्र के चुर्क लाइन मोड़ के पास दो कंटेनरों की जांच की तो 1 लाख 20 हजार से अधिक कफ सिरप की बोतलें नमकीन के पैकेटों के बीच छिपी मिलीं। इस केस में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसी तरह गाजियाबाद में भी चूने के बोरों में छिपाकर एक बड़ी खेप पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश भेजने की तैयारी चल रही थी।

2 करोड़ की कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद
जांच के दौरान अब वाराणसी में एक जिम के नीचे स्थित गोदाम से करीब 2 करोड़ रुपये की कोडीन आधारित कफ सिरप बरामद हुई है। पेंट की बाल्टियों के भीतर रखी इन बोतलों का सुराग भी सीधे शुभम जायसवाल से जुड़ रहा है। डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि बरामद सिरप और पैटर्न की बारीकी से जांच की जा रही है।

बांग्लादेश में 8–10 गुना कीमत पर बिकती थी बोतलें
सूत्रों के अनुसार, तस्करी का अंतिम ठिकाना बांग्लादेश था। पश्चिम बंगाल बॉर्डर तक खेप पहुंचाने के बाद, छोटे कैरियर साइकिल आदि माध्यमों से इसे सीमा पार कराते थे। बांग्लादेश में इसकी कीमत भारत की तुलना में 8 से 10 गुना अधिक मिलती थी। इसी गैरकानूनी कारोबार ने शुभम को महज तीन वर्षों में करोड़ों की अवैध संपत्ति का मालिक बना दिया।

शैली ट्रेडर्स के नाम पर चलता था कारोबार
शुभम जायसवाल रांची में रजिस्टर्ड अपनी फर्म ‘शैली ट्रेडर्स’ के जरिए इस पूरे रैकेट को संचालित करता था। उसके तार विभिन्न राज्यों से जुड़े पाए गए हैं। अब 100 करोड़ रुपये से अधिक की कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी मामले में शुभम सहित 28 लोगों पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है।

SIT कर रही हर पहलू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT गठित की गई है, जो नेटवर्क, सप्लायर, ट्रांसपोर्ट चैनल और फंडिंग सहित हर पहलू की गहन जांच कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस रैकेट के और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।

 

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