Edited By Anil Kapoor,Updated: 22 Jun, 2023 03:09 PM

Lucknow News: बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार को प्रस्तावित विपक्षी दलों की बैठक के औचित्य पर सवाल खड़े करते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले एकजुटता दर्शाने के प्रयास से पहले विपक्षी दलों को...
Lucknow News: बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार को प्रस्तावित विपक्षी दलों की बैठक के औचित्य पर सवाल खड़े करते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले एकजुटता दर्शाने के प्रयास से पहले विपक्षी दलों को अपनी नीयत को पाक साफ करना ज्यादा बेहतर होता। मायावती ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा ‘‘ लोकसभा आम चुनाव के पूर्व विपक्षी पार्टियां जिन मुद्दों को मिलकर उठा रही हैं और ऐसे में नीतीश कुमार द्वारा कल 23 जून की विपक्षी नेताओं की पटना बैठक 'दिल मिले न मिले हाथ मिलाते रहिए' की कहावत को ज्यादा चरितार्थ करता है। उन्होंने कहा ‘‘ वैसे अगले लोकसभा चुनाव की तैयारी को ध्यान में रखकर इस प्रकार के प्रयास से पहले अगर ये पार्टियां, जनता में उनके प्रति आम विश्वास जगाने की गर्ज से, अपने गिरेबान में झांककर अपनी नीयत को थोड़ा पाक-साफ कर लेतीं तो बेहतर होता। 'मुँह में राम बगल में छुरी' आखिर कब तक चलेगा।''
यूपी में लोकसभा की 80 सीट चुनावी सफलता की कुंजी कहलाती
बसपा अध्यक्ष ने कहा कि यूपी में लोकसभा की 80 सीट चुनावी सफलता की कुंजी कहलाती है, किन्तु विपक्षी पाटिर्यों के रवैये से ऐसा नहीं लगता है कि वे यहां अपने उद्देश्य के प्रति गंभीर व सही मायने में चिन्तित हैं। बिना सही प्राथमिकताओं के साथ यहां लोकसभा चुनाव की तैयारी क्या वाकई जरूरी बदलाव ला पाएगी।'' कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर समतामूलक संविधान को सही से लागू नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा ‘‘महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, पिछड़ापन, अशिक्षा, जातीय द्वेष, धार्मिक उन्माद/हिंसा आदि से ग्रस्त देश में बहुजन के त्रस्त हालात से स्पष्ट है कि परमपूज्य बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के मानवतावादी समतामूलक संविधान को सही से लागू करने की क्षमता कांग्रेस, बीजेपी जैसी पाटिर्यों के पास नहीं है।