मतदाताओं को सशक्त बनाने के लिए Koo App की बड़ी पहल, नए फीचर्स के साथ शुरू किया जागरूकता अभियान

Edited By Tamanna Bhardwaj, Updated: 17 Jan, 2022 02:03 PM

koo app launches awareness campaign with new features

इस मंच पर चैट रूम, लाइव फीचर्स और केवल चुनाव संबंधी तमाम समाचारों और अपडेट की एक श्रृंखला होगी। मौजूद मतदाताओं को उनके अधिकारों के बारे में शिक्षित और सूचित करने और चुनावी प्रक्रिया में अधि...

लखनऊ: इस मंच पर चैट रूम, लाइव फीचर्स और केवल चुनाव संबंधी तमाम समाचारों और अपडेट की एक श्रृंखला होगी। मौजूद मतदाताओं को उनके अधिकारों के बारे में शिक्षित और सूचित करने और चुनावी प्रक्रिया में अधिक भरोसा जगाने के लिए भारतीय भाषाओं में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।

आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म Koo App ने घोषणा की है कि मंच कई भारतीय भाषाओं में कई हाइपरलोकल पहल पेश करेगा। इन पहल का मकसद वोट डालने से पहले मतदाताओं को सशक्त बनाने, जोड़े रखने और जानकारी देना है। भारतीय भाषाओं में ऑनलाइन अभिव्यक्ति को सक्षम बनाने वाले सबसे बड़े मंच के रूप में Koo App चुनावी प्रक्रिया में मतदाताओं का भरोसा बढ़ाने के लिए बेहतरीन फीचर्स पेश करने के साथ जागरूकता अभियान चलाएगा। यह मंच मतदाताओं को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए एक सजग निर्णय लेने में मार्गदर्शन करेगा।
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मतदाताओं के लिए Koo App एक डेडिकेटेड सेक्शन लॉन्च करेगा
चुनावी राज्यों के मतदाताओं के लिए Koo App एक डेडिकेटेड सेक्शन लॉन्च करेगा। इनमें हिंदी, पंजाबी, मराठी आदि भाषाओं में लाइव अपडेट्स, उम्मीदवारों और पार्टियों के बारे में समाचार और निर्वाचन क्षेत्र के स्तर की घोषणाओं की जाएंगी। इसके अलावा चुनाव से संबंधित विषयों पर खुली चर्चा के लिए Koo रीयल टाइम में देसी भाषाओं में चैट रूम की भी पेशकश करेगा। इस दौरान मंच पर मौजूद लाइव फीचर यूजर्स को सेशंस बनाने, अपनी कम्यूनिटी को हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित करने और इंटरफ़ेस के माध्यम से घटनाओं को तुरंत जानने का मौका देगा।

मतदाताओं के अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में शिक्षित करेगा Koo App
Koo App मतदाताओं के अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में शिक्षित करने के लिए भारतीय भाषाओं में जानकारी देने वाला अभियान भी चलाएगा। इससे चुनाव प्रक्रिया में अधिक विश्वास जगाने और जन जागरूकता पैदा करने में मदद मिलेगी। इस अभियान के अंर्गत Koo यूजर्स को एक आकर्षक अनुभव प्रदान करने के लिए प्रश्नोत्तरी भी आयोजित करेगा, जिसमें मतदाता पंजीकरण, EPIC कार्ड डाउनलोड आदि विषय शामिल होंगे। इतना ही नहीं, मंच पर मशहूर हस्तियां और प्रभावशाली लोग मतदाता जागरूकता अभियानों में स्वेच्छा से हिस्सा लेंगे। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की भावना के लिए प्रतिबद्ध मंच Koo अपने समर्पित 'चुनाव स्वयंसेवकों' के माध्यम से मतदाता नामांकन में तेजी लाने में मदद करेगा, जिन्हें प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं को पंजीकृत करने का जिम्मा सौंपा गया है।

इस मेड-इन-इंडिया प्लेटफॉर्म ने पहले ही इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) द्वारा 'स्वैच्छिक आचार संहिता' को अपनाया है, जो चुनावों के दौरान सोशल मीडिया के पारदर्शी इस्तेमाल के लिए है। इसके अलावा आपत्तिजनक सामग्री की पहचान करने और उस पर अंकुश लगाने के लिए Koo App ने प्लेटफॉर्म पर आने वाले फीडबैक को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए एक मजबूत तंत्र भी स्थापित किया है।

Koo App के सह-संस्थापक और सीईओ अप्रमेय राधाकृष्ण ने कहा, "भारतीयों की आवाज का लोकतंत्रीकरण करने वाले एक बहुभाषी मंच के रूप में चुनावों के दौरान Koo App के विशेष फीचर्स यूजर्स को उनकी मातृभाषा में रीयल टाइम अनुभव प्रदान करेंगे और उन्हें चुनाव से संबंधित विषयों पर समान विचारधारा वाले लोगों के साथ जुड़ने में सक्षम बनाएंगे। स्थानीय भाषाओं में हमारे जागरूकता अभियान मतदाताओं के ज्ञान को बढ़ाने, भरोसा पैदा करने और लोगों को सजग निर्णय लेने में मदद करेंगे। एक निष्पक्ष, खुले और विश्वसनीय मंच के रूप में हम भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि समाज में सकारात्मक और प्रगतिशील बदलाव लाने के लिए Koo App का सर्वोत्तम ढंग से फायदा उठाया जा सके।”
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क्या है Koo App?
Koo App की लॉन्चिंग मार्च 2020 में भारतीय भाषाओं के एक बहुभाषी, माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के रूप में की गई थी, ताकि भारतीयों को अपनी मातृभाषा में अभिव्यक्ति करने में सक्षम किया जा सके। भारतीय भाषाओं में अभिव्यक्ति के लिए एक अनोखे मंच के रूप में Koo App भारतीयों को हिंदी, मराठी, गुजराती, पंजाबी, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, असमिया, बंगाली और अंग्रेजी समेत 10 भाषाओं में खुद को ऑनलाइन मुखर बनाने में सक्षम बनाता है। भारत में, जहां 10% से अधिक लोग अंग्रेजी में बातचीत नहीं करते हैं, Koo App भारतीयों को अपनी पसंद की भाषा में विचारों को साझा करने और स्वतंत्र रूप से बात कहने के लिए सशक्त बनाकर उनकी आवाज को लोकतांत्रिक बनाता है। मंच की एक अद्भुत विशेषता अनुवाद की है जो मूल टेक्स्ट से जुड़े संदर्भ और भाव को बनाए रखते हुए यूजर्स को रीयल टाइम में कई भाषाओं में अनुवाद कर अपना संदेश भेजने में सक्षम बनाती है, जिससे यूजर्स की पहुंच बढ़ती है और प्लेटफ़ॉर्म पर सक्रियता तेज़ होती है। प्लेटफॉर्म ने हाल ही में 2 करोड़ डाउनलोड का मील का पत्थर पार किया है और अगले एक साल में 10 करोड़ डाउनलोड तक पहुंचने की ओर अग्रसर है। राजनीति, खेल, मीडिया, मनोरंजन, आध्यात्मिकता, कला और संस्कृति के मशहूर लोग द्वारा अपनी मूल भाषा में दर्शकों से जुड़ने के लिए सक्रिय रूप से मंच का लाभ उठाते हैं।


 

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