Edited By Purnima Singh,Updated: 19 May, 2026 07:00 PM

रोजाना बर्तन साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाला किचन स्पंज आपकी सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों और कई रिसर्च में दावा किया गया है कि किचन स्पंज में टॉयलेट सीट से भी ज्यादा बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं। कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. तरंग कृष्णा...
UP Desk : रोजाना बर्तन साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाला किचन स्पंज आपकी सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों और कई रिसर्च में दावा किया गया है कि किचन स्पंज में टॉयलेट सीट से भी ज्यादा बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं। कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. तरंग कृष्णा ने भी हाल ही में एक पॉडकास्ट में बताया कि गंदा और लंबे समय तक इस्तेमाल किया गया किचन स्पंज कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
क्यों खतरनाक है किचन स्पंज?
किचन स्पंज हमेशा नमी, खाने के कण और तेल-चिकनाई के संपर्क में रहता है। यही वजह है कि इसमें बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। भारतीय रसोई में मसाले, दूध, दाल और कच्ची सब्जियों के कण स्पंज में फंस जाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है।
रिसर्च में क्या सामने आया?
जर्मनी समेत कई देशों की रिसर्च में इस्तेमाल किए गए किचन स्पंज में करोड़ों बैक्टीरिया पाए गए। इनमें E.coli, Salmonella और Staphylococcus जैसे खतरनाक बैक्टीरिया शामिल थे, जो फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी और संक्रमण जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
सिर्फ पानी से धोना काफी नहीं
विशेषज्ञों के मुताबिक, सिर्फ पानी या साबुन से स्पंज धोने से बैक्टीरिया पूरी तरह खत्म नहीं होते। बैक्टीरिया स्पंज के छोटे-छोटे छेदों में छिपे रहते हैं और तेजी से दोबारा बढ़ जाते हैं।
कैसे रखें किचन स्पंज को सुरक्षित?
स्पंज को रोज गर्म पानी से साफ करें
इस्तेमाल के बाद धूप में सुखाएं
10 से 15 दिन में स्पंज बदल दें
बदबू आने पर तुरंत फेंक दें
किचन स्लैब और बर्तनों के लिए अलग स्पंज रखें
भारतीय रसोई में ज्यादा सावधानी जरूरी
गर्म मौसम, मसाले और तेल की वजह से भारतीय किचन में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं। ऐसे में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है, ताकि संक्रमण और बीमारियों से बचा जा सके।