'डार्लिंग, पेपर लीक हो गया है...' LU प्रोफेसर ने पूछताछ में कबूली ऑडियो की बात, अब 24 घंटे में अंतिम फैसले की तैयारी

Edited By Anil Kapoor,Updated: 19 May, 2026 08:08 AM

darling the paper has been leaked   lu professor confesses in audio

लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) के प्राणीशास्त्र विभाग में कार्यरत एक सहायक प्रोफेसर द्वारा एक छात्रा से फोन पर कथित तौर पर आपत्तिजनक बातचीत किए जाने के मामले को लेकर सोमवार को हुई कार्यपरिषद की आपात बैठक में आरोपी शिक्षक ने वायरल ऑडियो क्लिप्स में अपनी...

Lucknow News: लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) के प्राणीशास्त्र विभाग में कार्यरत एक सहायक प्रोफेसर द्वारा एक छात्रा से फोन पर कथित तौर पर आपत्तिजनक बातचीत किए जाने के मामले को लेकर सोमवार को हुई कार्यपरिषद की आपात बैठक में आरोपी शिक्षक ने वायरल ऑडियो क्लिप्स में अपनी आवाज का होना स्वीकार कर लिया। एलयू के सूत्रों के मुताबिक सहायक प्रोफेसर डॉक्टर परमजीत सिंह से जुड़े कथित आपत्तिजनक ऑडियो क्लिप्स और छात्रा को प्रताड़ित करने के मामले को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति प्रोफेसर जे. पी. सैनी की अध्यक्षता में आपातकालीन कार्यपरिषद की बैठक हुई।

आरोपी प्रोफेसर बोला- 'वायरल ऑडियो में आवाज मेरी ही है'
उन्होंने बताया कि बैठक में आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) द्वारा इस प्रकरण को लेकर तैयार की गई जांच रिपोर्ट को सामने रखा गया और कथित पीड़ित छात्रा तथा आरोपी शिक्षक के बयान दर्ज किए गए। सूत्रों ने बताया कि छात्रा ने सिलसिलेवार तरीके से अपने साथ हुई मानसिक प्रताड़ना और दबाव की घटना का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि दूसरी ओर, आरोपी शिक्षक डॉक्टर परमजीत सिंह ने समिति के सामने खुद पर लगे आरोपों का खंडन करने की कोशिश की लेकिन यह भी स्वीकार किया कि वायरल हो रहे ऑडियो में आवाज उन्हीं की है।

मर्यादा लांघने पर आईसीसी ने की कठोरतम कार्रवाई की सिफारिश
सूत्रों के मुताबिक आरोपी शिक्षक ने बचाव में यह दलील दी कि बातचीत के दौरान उनकी जुबान फिसल गई थी। उन्होंने बताया कि बैठक में कार्यपरिषद के सदस्यों ने वायरल ऑडियो के सभी अंशों को गौर से सुनने के बाद यह माना कि यह कृत्य शिक्षक और छात्र के बीच के पवित्र व मर्यादित संबंधों के बिल्कुल खिलाफ है। सूत्रों के मुताबिक इस मामले में जांच रिपोर्ट देने वाली आईसीसी ने अपने अंतिम निष्कर्ष में यह स्पष्ट करते हुए कि उपलब्ध साक्ष्यों और स्थापित तथ्यों के आधार पर आरोपी शिक्षक का आचरण पूरी तरह से अनुचित, अवांछित, अनैतिक और बेहद गंभीर श्रेणी का है, उसके विरुद्ध 'कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई' करने की सिफारिश की है।

24 घंटे में रिपोर्ट और आज अंतिम फैसले की तैयारी
विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले के बाद कुलपति प्रोफेसर जे.पी. सैनी की अध्यक्षता में तीन-सदस्यीय एक अनुशासन समिति का गठन किया गया है, जिसमें लखनऊ स्थित ए. पी. सेन बालिका महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव और लखनऊ विश्वविद्यालय के विधि संकाय के प्रोफेसर आनंद विश्वकर्मा भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यह समिति अगले 24 घंटे के अंदर अपनी अंतरिम रिपोर्ट तैयार कर कार्य परिषद को सौंपेगी और उसके आधार पर मंगलवार 19 मई को कार्य परिषद की एक और आकस्मिक बैठक बुलाई जाएगी जिसमें आरोपी शिक्षक के खिलाफ अंतिम और सेवा संबंधी कठोर कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।

'यूनिवर्सिटी की साख पर गहरा आघात, दोषी को मिलेगी नजीर बनने वाली सजा'
कुलपति प्रोफेसर सैनी ने मामले की संवेदनशीलता और विश्वविद्यालय की साख का जिक्र करते हुए कहा  कि यह घटना हमारे विश्वविद्यालय की समृद्ध सांस्कृतिक और नैतिक मर्यादा पर एक गहरा आघात है। एक शिक्षक का ऐसा आचरण किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी पारदर्शिता और स्थापित नियमों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित कर रहा है। कानून और नियम अपना काम करेंगे और दोषी को ऐसी सजा दी जाएगी जो भविष्य के लिए एक नजीर बनेगी। अधिकारी ने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए कार्य परिषद में अंतरिम शिकायत समिति को अधिकृत करते हुए पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति और शिकायत तंत्र के प्रचार प्रसार समेत कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।

'डार्लिंग, घर आ जाओ पेपर दे देंगे', वायरल ऑडियो के बाद आरोपी शिक्षक गिरफ्तार
सहायक प्रोफेसर परमजीत सिंह और बीएससी अंतिम वर्ष की एक छात्रा के बीच बातचीत किए कथित ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला सामने आया था। वायरल क्लिप्स में से एक में आरोपी कथित तौर पर छात्रा से यह कहते हुए सुना गया, "डार्लिंग, तुम्हारा पेपर लीक हो गया है। परीक्षा से पहले अपने घर से यहां आ जाओ और हम तुम्हें यहीं पेपर दे देंगे। इस मामले में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक की शिकायत पर हसनगंज थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने पिछली 16 मई को आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया था। सिंह ने गिरफ्तारी से पहले एक न्यूज एजेंसी से फोन पर कहा था कि मुझ पर लगे सभी आरोप झूठे हैं। विश्वविद्यालय की अंदरूनी राजनीति की वजह से मुझे इस मामले में फंसाया जा रहा है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!