करवाचौथ के दिन पीरियड्स हों तो न घबराएं,  ये करें उपाय...मिलेगा पुण्य!

Edited By Ramkesh,Updated: 10 Oct, 2025 12:39 PM

if you have your periods on the day of karva chauth don t panic try these reme

देश में महिलाएं करवा चौथ व्रत पर अपने पति की लंबी आयु के लिए इस शुभ अवसर पर करवा माता की पूजा करती है। इस व्रत के पुण्य-प्रताप से व्रती को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। छलनी से पति का चेहरा देखने पर प्रतिबिंब के बराबर सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

लखनऊ: देश में महिलाएं करवा चौथ व्रत पर अपने पति की लंबी आयु के लिए इस शुभ अवसर पर करवा माता की पूजा करती है। इस व्रत के पुण्य-प्रताप से व्रती को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। छलनी से पति का चेहरा देखने पर प्रतिबिंब के बराबर सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इसके लिए छलनी से चंद्र देव के दर्शन किया जाता है। लेकिन कुछ महिलाओं के मन में कई तरह के सवाल है। उन सवालों में एक सवाल ये भी कि जिन महिलाओं में पीरियड्स का दौर चल रहा है तो ऐसे में पूजा कैसे करें जिससे करवाचौथ का फल उन्हें पूर्ण रूप से मिल सके। हिन्दू धर्म के अनुसार मासिक धर्म के दौरान व्रत, संकल्प या पूजा स्थल पर बैठना वर्जित माना गया है। आज यानी की 10 अक्टूटर को पूरे देश की महिलाएं करवा चौथ व्रत मना रही हैं। 

मासिक धर्म के दौरान करवाचौथ पर पूजा कैसे करें ?
व्रत का संकल्प न लें
शास्त्रों में मासिक धर्म के दौरान व्रत, संकल्प या पूजा स्थल पर बैठना वर्जित माना गया है। लेकिन आप मन से श्रद्धा रखकर व्रत का भाव रख सकती हैं — यानी “मानसिक रूप से उपवास”।

पूजा की जगह “मन से भक्ति” करें
मंदिर या घर के पूजा स्थान में न जाकर, शांत मन से ईश्वर का ध्यान करें। “ॐ नमः शिवाय” या “श्री गणेशाय नमः” जैसे मंत्र जप सकती हैं।

किसी और से करवाएं पूजा
यदि घर में सास, बहन या कोई और महिला हो तो उनसे कहें कि वे आपके स्थान पर पूजा करें। आप केवल दूर से दृष्टि से आशीर्वाद लें।

चंद्र दर्शन का नियम
आप बालकनी या आंगन से दूर से चंद्रमा को देख सकती हैं, पर पूजा की थाली हाथ में न लें। बस मन से प्रणाम करें और पति के सुख की कामना करें।

दान-पुण्य करें
व्रत का पुण्य पाने का एक सर्वोत्तम उपाय है — दान देना। आप किसी गरीब महिला को वस्त्र, सिंदूर, या मिठाई दान कर सकती हैं।

भोजन-व्रत का विकल्प
शरीर की स्थिति को देखते हुए पूर्ण व्रत न रखकर केवल फलाहार या हल्का भोजन कर सकती हैं। धर्म पाप नहीं मानता जब स्थिति प्राकृतिक हो।

मासिक धर्म ईश्वर की बनाई प्राकृतिक प्रक्रिया है। इसमें कोई “पाप” नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण है आपकी भावना, नीयत और श्रद्धा। आप शुद्ध मन से करवाचौथ का व्रत मना सकती हैं भले ही पारंपरिक पूजा न करें। इस आलेख में दी गई जानकारी का पंजाब केसरी कोई दावा नहीं करता है कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। आप अपने संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

 

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