Edited By Mamta Yadav,Updated: 27 Sep, 2025 10:57 PM

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने प्रदेश में यूरिया और डीएपी (DAP) जैसे प्रमुख उर्वरकों की कथित कालाबाज़ारी पर गंभीर रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह किसानों को उर्वरक निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराने और कालाबाज़ारी पर...
Lucknow News: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने प्रदेश में यूरिया और डीएपी (DAP) जैसे प्रमुख उर्वरकों की कथित कालाबाज़ारी पर गंभीर रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह किसानों को उर्वरक निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराने और कालाबाज़ारी पर रोक लगाने के लिए उपयुक्त दिशा-निर्देश जारी करे। यह आदेश एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया गया, जिसमें याची ने दावा किया था कि प्रदेश में खाद की कालाबाज़ारी व्यापक स्तर पर हो रही है और इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।
शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश
न्यायालय ने याची को अनुमति दी है कि वह अपनी शिकायत प्रमाणिक साक्ष्यों के साथ उर्वरक विभाग के अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव को सौंपे। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी जिम्मेदार प्राधिकरणों से रिपोर्ट मंगवाकर आवश्यक कार्रवाई और निर्देश जारी करेंगे।
किसानों को राहत की उम्मीद
कोर्ट के इस आदेश से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में खाद की उपलब्धता में पारदर्शिता और नियंत्रण दोनों सुनिश्चित होंगे। साथ ही, किसानों को ब्लैक मार्केट से महंगे दामों पर खाद खरीदने की मजबूरी से राहत मिल सकती है।