मतदाता सूची में अजीबोगरीब नाम पर आयोग ने दी सफाई, गड़बड़ी की बताई वजह

Edited By Ramkesh,Updated: 23 Oct, 2026 02:26 PM

election commission clarifies presence of bizarre names in electoral roll expla

उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनावों की मतदाता सूची में नामों के स्थान पर ''राम ने यादव को मारा'', ''राम ने शर्मा को मारा'' जैसी प्रविष्टियां और मतदाता के पिता के नाम के स्थान पर ''बी.कॉम'' जैसी प्रविष्टियां सामने आई हैं, जिसके बाद निर्वाचन आयोग को इन...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनावों की मतदाता सूची में नामों के स्थान पर ''राम ने यादव को मारा'', ''राम ने शर्मा को मारा'' जैसी प्रविष्टियां और मतदाता के पिता के नाम के स्थान पर ''बी.कॉम'' जैसी प्रविष्टियां सामने आई हैं, जिसके बाद निर्वाचन आयोग को इन विसंगतियों पर स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा। ये विसंगतियां शुक्रवार को विधान परिषद की 11 सीट के लिए मतदान से पहले इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पाई गईं। मतदाता सूची में पाई गई विसंगतियों की एक सूची विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर साझा की गई, जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने इस पर प्रतिक्रिया दी। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने त्रुटियों को स्वीकार करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि 11 निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में कुल 14.81 लाख प्रविष्टियों में से 158 प्रविष्टियों में ऐसे विवरण थे, जो 'असामान्य' प्रतीत होते थे।

सॉफ्टवेयर द्वारा नामों के अनुवाद की वजह से गड़बड़ी
उन्होंने कहा कि ये गलतियां कुल मतदाताओं के एक बहुत छोटे हिस्से से जुड़ी हैं और कई मामलों में ऐसा मतदाता सूची को ऑनलाइन तैयार करने के लिए इस्तेमाल किए गए सॉफ्टवेयर द्वारा नामों के अनुवाद की गड़बड़ी के कारण हुआ। उत्तर प्रदेश में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पहली बार पूरी तरह से डिजिटल तरीके से की गई। इससे पहले यह काम जिला स्तर पर हाथ से किया जाता था। चुनाव कार्यालय की सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) टीम द्वारा लगभग चार महीने में तैयार किए गए इस प्लेटफॉर्म में मतदाता पंजीकरण, आवेदन प्रक्रिया, उन्हें मंजूर या खारिज करने, दोहरी प्रविष्टियों की जांच, क्रमवार सूची तैयार करने और मतदाता सूची डाउनलोड करने जैसी सुविधाएं हैं। रिणवा ने बताया कि इस सॉफ्टवेयर को अंग्रेजी में दर्ज नामों को हिंदी में लिप्यंतरित करने के लिए तैयार किया गया था।

 कुछ  मानवीय भूल की वजह से त्रुटियां आई सामने
हालांकि, कुछ मामलों में इसने नामों का लिप्यंतरण करने के बजाय शब्दों का अनुवाद कर दिया, जिससे गलत प्रविष्टियां हो गईं। उदाहरण के लिए, अगर गलती से ''रामहित यादव'' की जगह ''राम हिट यादव'' टाइप हो गया हो, तो सॉफ्टवेयर ने उसका हिंदी अनुवाद ''राम ने यादव को मारा'' कर दिया। उन्होंने कहा कि इन गलतियों को संपादन सुविधा के जरिए सुधारा जा सकता था, लेकिन कुछ गलतियां अंतिम सूची में भी रह गईं। पिता के नाम की जगह ''बी.कॉम'' दर्ज होना मानवीय भूल या लापरवाही का मामला लगता है। राजनीतिक दलों की शिकायतों और सोशल मीडिया पर विभिन्न विसंगतियों की सूचियां साझा किए जाने के बाद रिणवा ने इन मामलों की जांच के आदेश दिए।

पात्र मतदाता को गलतियों के कारण वोट देने न रोका जाए 
झांसी के मंडलायुक्त विमल कुमार दुबे द्वारा की गई जांच में मतदाता सूची में गलतियां पाई गईं। रिणवा ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र मतदाता को लिपिकीय या छपाई संबंधी गलतियों के कारण वोट देने के अधिकार से वंचित न किया जाए। पीठासीन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जरूरी दस्तावेजों की जांच करें और पात्र मतदाताओं को वोट डालने दें। अगर किसी को ऐसे कारणों से वोट डालने से रोका जाता है, तो इसके लिए जिलाधिकारी जिम्मेदार होंगे। शुक्रवार को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदान हो रहा है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!