Edited By Harman Kaur,Updated: 28 Oct, 2022 06:02 PM

Chhath Puja 2022: उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से मनाया जाने वाला भगवान भास्कर का महापर्व छठ पूजा शुक्रवार से नहाय खाय के साथ शुरू हो गया। इसी दौरान चार दिन चलने वाले इस महापर्व को लेकर बाजारों में रौनक बढ़....
Chhath Puja 2022: उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से मनाया जाने वाला भगवान भास्कर का महापर्व छठ पूजा शुक्रवार से नहाय खाय के साथ शुरू हो गया। इसी दौरान चार दिन चलने वाले इस महापर्व को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। इसी के चलते बाजारों में भीड़ आने वाले तीन दिनों तक ऐसे ही देखने को मिलेगी। बाजारों में दउरा, सूपली, फलों समेत अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है।

बता दें कि आज यानी शुक्रवार से नहाय खाय के साथ शुरू हुई छठ पूजा का 31 अक्टूबर को उगते सूर्य भगवान की आराधना तथा अर्घ्य देकर महाव्रत का समापन हो जायेगा। इसके पहले दिन ही लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला।
हालांकि इस पर्व की तैयारियां तो एक सप्ताह पहले ही शुरू हो गई थी, लेकिन इस व्रत के चारों दिन ही बाजारों में खूब रौनक देखने को मिलती है। वहीं, गुरुवार को महेवा थोक मंडी के साथ ही गोलघर, असुरन चौक, राप्तीनगर, घंटाघर, धर्मशाला बाजार, रेती चौक, घंटाघर आदि फुटकर बाजारों में लोग खरीदारी के लिए पहुंचे।

दरअसल नहाय-खाय के अंतर्गत व्रती महिलाएं नदी, तालाब आदि में जाकर स्नान करती है। इसके बाद घर आकर खाना बनाती हैं। वहीं, खाने में अरवा चावल, चने की दाल और कद्दू की सब्जी बनाई जाती है। खाना बनाने के बाद पहले व्रतियों के द्वारा प्रसाद ग्रहण किया जाता है।
इसके बाद परिवार के अन्य लोग भोजन ग्रहण करते हैं। बता दें कि इस व्रत की महत्वता को ध्यान में रखते हुए की जगह पर छठ घाट बनाए गए है। जोकि राजघाट, रामघाट, गोरखनाथ, सूरजकुंड, मानसरोवर, महेसरा, रामगढ़ ताल, असुरन चौक, विष्णु मंदिर, गीता वाटिका, दाउदपुर, रेलवे कॉलोनी, पादरी बाजार में बनाए गए है।

गौरतलब है कि छठ पूजा का महापर्व आज पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड से शुरू होकर देश के कोने-कोने के साथ विदेशों में भी श्रद्धा पूर्वक मनाया जाता है। छठ पर्व में साफ-सफाई के नियमों का विशेष पालन करना होता है।
छठी माता की पूजा में घर पर तामसी भोजन, मंदिरा, लहसुन-प्याज का प्रयोग करना वर्जित होता है। मान्यता है कि छठ व्रत करने से घर पर सुख-शांति आती है तथा इस व्रत से संतान और सुहाग की आयु लंबी होती है।
वहीं, छठ पूजा के महापर्व को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने 6597 अतिरिक्त बसें लगाई हैं। विभाग ने यह बसें यूपी और बिहार में लोगों के आवागमन को आसान बनाने के लिए लगाई है। यह बसें 31 अक्टूबर तक उपलब्ध रहेंगी ताकि अपने घरों से दूर रह रहे लोग आसानी से अपने घर जा सके और छठ महापर्व मना सकें।