CM Yogi का बड़ा दावा, 9 साल में महिला वर्कफोर्स 12% से बढ़कर 36% पार, गोरखपुर में गिनाए बदलाव के आंकड़े

Edited By Purnima Singh,Updated: 26 Mar, 2026 11:20 AM

cm yogi says daughters are now studying without fear

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 2017 के बाद बेटियों की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के लिए सरकार की तरफ से किए गए प्रयासों से बीते नौ सालों में महिला श्रम शक्ति तीन गुना बढ़ी है। वुमेन वर्क फोर्स का आंकड़ा 12 से बढ़कर 36 प्रतिशत को पार कर चुका...

गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 2017 के बाद बेटियों की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के लिए सरकार की तरफ से किए गए प्रयासों से बीते नौ सालों में महिला श्रम शक्ति तीन गुना बढ़ी है। वुमेन वर्क फोर्स का आंकड़ा 12 से बढ़कर 36 प्रतिशत को पार कर चुका है। वर्ष 2017 से पहले महिला सुरक्षा जहां एक बड़ी चुनौती थी, वहीं अब बिना भय के महिलाओं का तेजी से कामकाजी होना समाज में सुरक्षा का एक मानक बना है।

सीएम योगी बुधवार को मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में 144 बेडेड गर्ल्स हॉस्टल के भूमिपूजन एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह गर्ल्स हॉस्टल, पॉवरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा सीएसआर फंड से बनवाया जाएगा। इसके निर्माण पर 13.67 करोड़ रुपये की लागत आएगी। मुख्यमंत्री ने एमएमएमयूटी में 4.67 करोड़ रुपये की लागत से बनी साइबर फोरेंसिक रिसर्च लैब का उद्घाटन भी किया और रिसर्च एक्सीलेंस पुरस्कार प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एक पुस्तिका का अनावरण भी किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटी सुरक्षित हो, उसका सम्मान हो और वह स्वावलंबन के पथ पर अग्रसर होकर नए भारत के निर्माण में अपनी भूमिका का निर्वहन प्रभावी ढंग से कर सके, इस दृष्टि से उसी प्रकार की सुविधाएं देना आज की आवश्यकता है। इसे ही ध्यान में रखकर प्रदेश सरकार हर बड़े महानगर में कामकाजी महिलाओं के लिए श्रमजीवी महिला छात्रावास का निर्माण कर रही है। किसी भी समाज में सुरक्षा का मानक यही है कि महिलाएं बिना भय घर से बाहर निकल सकें। 2017 के बाद सरकार की तरफ से इस दिशा में किए गए प्रयासों के परिणाम सबके सामने हैं। 

पहले पढ़ने के लिए यूपी से बाहर भेज देते थे बेटियों को
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले यूपी में महिला सुरक्षा चुनौती थी। मध्य व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत सारे परिवार ऐसे थे, जिन्होंने बेटियों को पढ़ने के लिए यूपी के बाहर कहीं छात्रावास में या फिर कहीं रिश्तेदारों के यहां भेज दिया था। आज यूपी के हर जनपद में बेटी बिना डर के पढ़ने जाती है, अन्य शहरों में कार्य करने जाती है। नौ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश में कामकाजी महिलाओं की संख्या 12 फीसदी से कम थी,  वह आज बढ़कर 36 फीसदी से ज्यादा हो गई है।

बेटा-बेटी में भेदभाव बंद होने पर कई गुना बढ़ेगी विकास की रफ्तार
सीएम योगी ने कहा कि सदन में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के लिए संसद से पास नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छा है कि 2029 के चुनाव में यह लागू हो जाए। जब समाज में महिला-पुरुष का भेद समाप्त होता है तो सुखद अनुभूति होती है। अभिभावक जब बेटी-बेटे में भेद करना बंद करेंगे तभी विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ पाएगी और तभी स्टेबिलिटी (स्थायित्व) आएगी।

यूपी में ग्रेड-1 की अब 12 फोरेंसिक साइंस लैब, छह निर्माणाधीन
वर्तमान दौर में फोरेंसिक साइंस लैब की आवश्यकता को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले यूपी पुलिस के पास ग्रेड-1 की सिर्फ 02 फोरेंसिक साइंस लैब थीं। आज यूपी में ग्रेड-1 की 12 फोरेंसिक साइंस लैब हैं, जबकि छह निर्माणाधीन हैं। लखनऊ में पुलिस के लिए विश्वस्तरीय फोरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट स्थापित हो चुका है। यहां फोरेंसिक साइंस के क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पाठ्यक्रमों की शुरुआत भी हो चुकी है। तीन नए कानून लागू होने के बाद सात वर्ष से ऊपर की सजा के लिए किसी भी आपराधिक मामले में फोरेंसिक साक्ष्य को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए सरकार ने सभी 75 जनपदों में दो-दो मोबाइल फोरेंसिक लैब उपलब्ध कराई हैं। अपराधी को सजा करवाने में फोरेंसिक साक्ष्य सहयोग करता है। अपराधी सजा पाता है तो पीड़ित व्यक्ति को न्याय मिलता है।

2017 में थे दो साइबर थाने, आज सभी जनपदों में
मुख्यमंत्री कहा कि 2017 में प्रदेश में सिर्फ दो साइबर थाने थे। आज 75 जनपदों में साइबर थाने हैं। प्रदेश के 1681 थानों में साइबर हेल्प डेस्क भी है। साइबर थानों ने अपराधियों से सैकड़ों करोड रुपये बचाने में सफलता प्राप्त की है। साइबर क्राइम से बचने, डीप फेक के मामलों को नियंत्रित करने, डॉक्यूमेंट को सुरक्षा प्रदान करने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। 

अधिक आबादी यूपी की डेमोग्राफिक डिविडेंड और पूंजी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की सबसे बड़ी आबादी का राज्य है। वर्ष 2017 के पहले यह राज्य पहचान का मोहताज था। लोग हमें शक की निगाहों से देखते थे। तब हमने कहा, हमारी जो आबादी है यह भारत का सबसे अच्छा डेमोग्राफिक डिविडेंड है, यह हमारी पूंजी है। यह भारत का स्किल्ड वर्कफोर्स है। मानव संसाधन की इस पूंजी को आगे बढ़ाने का दायित्व सरकार ने लिया और अलग-अलग क्षेत्रों में इसे विकसित करने का कार्य किया। 

युवाओं को ‘मार्केट-इंडस्ट्री रेडी’ वर्कफोर्स में बदलने का किया काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के युवाओं को टेक्नोलॉजी से जोड़कर उन्हें मार्केट व इंडस्ट्री रेडी वर्कफोर्स में बदलने का काम किया है। लोग कहते हैं कि यह कैसे हुआ, हमारा जवाब है कि यह तो मौजूद था, बस पहले की सरकारों में इच्छाशक्ति का अभाव था। यहां का युवा प्रतिभाशाली था, लेकिन उसको प्लेटफार्म नहीं मिलता था। जाति के नाम पर बांटने वाले लोग कहां इस ताकत को समझते। नकारात्मकता जिनके मन में हो, समाज के प्रति जिनके मन में नफरत का भाव हो, वह कहां उस ताकत को समझेंगे। यूपी भारत का कंज्यूमर स्टेट ही नहीं, बल्कि भारत का डेमोग्राफिक डिविडेंड भी है। हमें युवाओं को स्किल्ड करना है, इनोवेशन के साथ जोड़ना है, टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ना है। मार्केट व इंडस्ट्री हाथ फैलाकर स्वागत करने को तैयार है।

सीएम ने कहा कि 96 लाख एमएसएमई यूनिट यूपी में कार्यरत हैं। 3 करोड़ से अधिक लोग इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं। जबकि 2017 के पहले यह सेक्टर बंदी के कगार पर था। यूपी बीमारू हो रहा था, सड़कों की स्थिति दयनीय थी। हम लोग जब 2017 में आए तो इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति खराब थी। सड़क है कि गड्ढा,  कुछ भी पता नहीं होता था। आज वही यूपी देश का एक्सप्रेसवे स्टेट हो गया है। सबसे ज्यादा मेट्रो का संचालन यूपी में हो रहा है। सबसे ज्यादा एयरपोर्ट यूपी के पास हैं।

विकास का पर्याय बना उत्तर प्रदेश
सीएम योगी ने कहा कि आज यूपी विकास का पर्याय बन रहा है। भारत में मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में 55 फीसदी हिस्सेदारी अकेले यूपी की है। देश में बनने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स में भी यूपी का हिस्सा 60 प्रतिशत है। नोएडा व ग्रेटर नोएडा आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के हब बने हैं। कानपुर लेदर व ड्रोन का हब बना है। पूर्वी यूपी ने एग्रीकल्चर के साथ एमएसएमई के नए हब के रूप में अपने आप को स्थापित किया है। लखनऊ डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और एआई के रूप में अपने आप को स्थापित कर रहा है। बुंदेलखंड डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के साथ ही 56000 एकड़ में फ्यूचर रेडी इंडस्ट्रियल टाउनशिप और फार्मा पार्क के रूप में अपने आप को तैयार कर रहा है। यह नए यूपी की वह तस्वीर है, जिसमें हमने यूपी के टैलेंट को टेक्नोलॉजी के साथ जोड़कर इंडस्ट्री हब के रूप में स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है। आईटी, इलेक्ट्रॉनिक, एआई, सेमीकंडक्टर, स्टार्टअप और डाटा सेंटर से लेकर एमएसएमई और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के सभी कार्य आज यूपी में हो रहे हैं। साइबर, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एग्रीटेक, फिनटेक, डीपटेक, हेल्थटेक, टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्र में उत्तर प्रदेश तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है।

ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी बनाने के लिए दो सेंटर आफ एक्सीलेंस
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी बनाने के लिए दो सेंटर आफ एक्सीलेंस की कार्ययोजना को आगे बढ़ाया है। अभी हाल में मैं स्वयं जापान गया था। जापान के पास ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी की एडवांस टेक्नोलॉजी है। जापान की टीम यूपी आ रही है और इस दिशा में कार्य करने के लिए हम लोगों ने मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का चयन किया है। उत्तर प्रदेश के पास दुनिया की सबसे उर्वरा भूमि ही नहीं, बल्कि सबसे अच्छा जल संसाधन भी है। जल का फार्मूला देखेंगे तो दो मात्रा हाइड्रोजन की है और एक मात्रा ऑक्सीजन की है। इस दो मात्रा को एनर्जी में बदल देंगे तो उत्तर प्रदेश देश-दुनिया के बड़े एनर्जी केंद्र के रूप में स्थापित होगा। हमारे अन्नदाता किसान इथेनॉल से भी एनर्जी देंगे। 

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