Edited By Purnima Singh,Updated: 27 Sep, 2025 12:09 PM

बरेली हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘कल बरेली में एक मौलाना भूल गया कि राज्य में सत्ता किसकी है। उसे लगा कि वो जब चाहे व्यवस्था को रोक सकता है, लेकिन हमने साफ़ कर दिया कि न तो नाकाबंदी होगी और न ही कर्फ्यू। लेकिन, हमने जो सबक...
लखनऊः बरेली हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘कल बरेली में एक मौलाना भूल गया कि राज्य में सत्ता किसकी है। उसे लगा कि वो जब चाहे व्यवस्था को रोक सकता है, लेकिन हमने साफ़ कर दिया कि न तो नाकाबंदी होगी और न ही कर्फ्यू। लेकिन, हमने जो सबक सिखाया है, उससे आने वाली पीढ़ियां दंगे करने से पहले दो बार सोचेंगी। व्यवस्था को रोकने का ये कैसा तरीका है? 2017 से पहले यूपी में यही चलन था, लेकिन 2017 के बाद हमने कर्फ्यू तक नहीं लगने दिया। उत्तर प्रदेश के विकास की कहानी यहीं से शुरू होती है।"
कैसे भड़की हिंसा
गौरतलब हो कि बरेली में शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद मौलाना तौकीर रजा खान के नेतृत्व में इस्लामिया ग्राउंड पर जुटी भीड़ ने 'आई लव मोहम्मद' के नारे लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया था। देखते ही देखते हालात बेकाबू होने लगे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई तनातनी ने पूरे शहर को दहशत में डाल दिया। प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा के चलते पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। जिससे भीड़ तितर बितर हुई। इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
बरेली में अब हालात सामान्य
घटना के बाद से पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई है। पुलिस ने कुल पांच एफआईआर दर्ज की हैं। हालांकि अभी बरेली में हालात सामान्य हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि दोषियों के खिलाफ एनएसए के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। वहीं गिरफ्तार लोगों के परिजन, उन्हें बेगुनाह बता रहे हैं। किसी का कहना है कि उनके घर का आदमी दवा लेने गया था तो किसी का कहना है कि उनका बेटा घर पर खाना खाने के लिए आ रहा था।