Edited By Tamanna Bhardwaj,Updated: 03 Jun, 2020 06:20 PM

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने एक ऐसे मास्क का निर्माण किया है, जिसमें बैक्टीरिया खुद-ब-खुद दम तोड़ देगा। इस मास्क का नाम 5 एम एंटी माइक्रोबियल मल्टीलेयर फेस मास्क दिया गया है...
वाराणसीः भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने एक ऐसे मास्क का निर्माण किया है, जिसमें बैक्टीरिया खुद-ब-खुद दम तोड़ देगा। इस मास्क का नाम 5 एम एंटी माइक्रोबियल मल्टीलेयर फेस मास्क दिया गया है।

दावा किया जा रहा है कि इस फेस मास्क की बाहरी सतह पर एंटी बैक्टीरियल कोटिंग लगी है, जिससे वायरस और अन्य सूक्ष्म जीवाणु खुद-ब-खुद समाप्त हो जाएंगे। मास्क की सतह पर हाइड्रोफोबिक सतह होने की वजह से वायरस युक्त ड्रॉपलेट्स (पानी की छोटी-छोटी बूंद) को टिकने नहीं देगा।
साधारण मास्क में बना रहता है संक्रमण का खतरा
इस मास्क का निर्माण संस्थान स्थित स्कूल ऑफ बॉयोमैडीकल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफैसर डॉ. मार्शल और उनकी टीम ने किया है। डॉ. मार्शल ने बताया कि वर्तमान में बाजार में उपलब्ध ज्यादातर मास्क साधारण हैं। बेहतर श्रेणी में आने वाले मास्क के भी बाहरी सतह पर सूक्ष्म जीवाणु चिपक जाते हैं, जिससे संक्रमण होने का खतरा बना ही रहता है मगर संस्थान में बना यह मास्क प्रोटिनेटेड अमीन मैट्रिक्स के साथ संयुग्मित नैनोमेटल की विभिन्न परतों की मदद से बना है जिससे बैक्टीरिया का खतरा कम हो जाता है।