आउटसोर्सिंग कर्मियों के मानदेय पर जीएसटी मामले में एक्शन, वसूलने की जांच शुरू

Edited By Ramkesh,Updated: 28 Sep, 2025 02:00 PM

action taken in the gst case on honorarium payments for

उत्तर प्रदेश में सेवा प्रदाता फर्म आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय पर 18% की दर से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) चार्ज विभाग से वसूली की गई है। इसे लेकर  उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। उसके बाद अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सेवा प्रदाता फर्म आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय पर 18% की दर से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) चार्ज विभाग से वसूली की गई है। इसे लेकर  उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। उसके बाद अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। दरअसल, प्रदेश में करीब चार लाख से ज्यादा आउटसोर्स कर्मचारी हैं। सरकार को शिकायत मिली थी आउटसोर्स कर्मचारियों के मासिक पारिश्रमिक की राशि पर 18% की दर से जीएसटी विभागों से लिया जा रहा है। जबकि आउटसोर्सिंग के तहत सेवा दे रहे कर्मचारी जीएसटी के दायरे में नहीं आते हैं।

बताया जा रहा है कि मामले की जांच हो जाए तो बड़ा घपला सामने आ सकता है। सूत्र बताते हैं कि हर वर्ष आउटसोर्सिंग सेवा प्रदाता फर्म को जीएसटी के मद में कितनी राशि का भुगतान किया गया। धनराशि सेवा प्रदाता फर्म ने सरकारी खजाने में जमा कराई या नहीं, इसकी जांच होगी तो सच्चाई सामने आएगी।

जीएसटी का यह है नियम
गौरतलब है कि जीएसटी काउंसिलिंग ने 18 जून 2017 के नोटिफिकेशन में स्पष्ट उल्लेख है कि ईपीएफ और ईएसआईसी पर कर देयता शून्य है। उसके बावजूद भी आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय पर 18 प्रतिशत जीएसटी वसूली गई है। फिलहाल जांच के बाद ये साफ होगा कि कितना पैसा सरकार के खाते में जमा कराए गए हैं।
 

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