Edited By Ramkesh,Updated: 01 Mar, 2026 01:49 PM

सुन्नी इस्लामिक विद्वानऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और लखनऊ की ईदगाह के शाही इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने इजरायल और अमेरिका की संयुक्त कारर्वाई में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने...
लखनऊ: सुन्नी इस्लामिक विद्वानऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और लखनऊ की ईदगाह के शाही इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने इजरायल और अमेरिका की संयुक्त कारर्वाई में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल ने इंटरनेशल लॉ की धज्जियां उड़ाई है। हम इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।

आप को बता दें कि इजरायल और अमेरिका की संयुक्त कारर्वाई में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर का असर रविवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी देखने को मिला। घंटाघर क्षेत्र के पास बड़ी संख्या में शिया मुसलमान सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई की तस्वीरें हाथ में लेकर नारेबाजी की और उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। इस दौरान लोगों ने छाती पीटकर अपना विरोध दर्ज कराया तथा इजरायल और अमेरिका के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि खामेनेई की हत्या की गई है और यह कारर्वाई धोखे से की गई। उनका आरोप था कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों ने विश्वासघात किया है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एक खामेनेई के जाने के बाद भी उनके विचार जिंदा रहेंगे। वहीं, शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने इस घटना को आतंकवादी हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि इस कारर्वाई ने खाड़ी क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है और हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। मौलाना ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल की नीतियों से दुनिया में तनाव और हिंसा बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि खामेनेई केवल ईरान के नेता नहीं थे, बल्कि वे दुनिया भर के वंचित और उत्पीड़ित लोगों की आवाज थे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा हालात किस दिशा में जाएंगे, यह कहना मुश्किल है, लेकिन उन्हें विश्वास है कि ईरान इस संकट से उबर जाएगा।