8 साल पहले हुए छात्र की मौत मामले में शेरवुड कॉलेज के प्रधानाचार्य संधु दोषी करार

Edited By Nitika,Updated: 30 Jun, 2022 11:34 AM

sandhu convicted in student death case

उत्तराखंड में 8 साल पहले हुए छात्र की मौत के मामले में नैनीताल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने प्रतिष्ठित शेरवुड कॉलेज को दोषी माना है। साथ ही प्रधानाचार्य अमनदीप सिंह संधु व 2 अन्य कर्मचारियों को 2-2 साल की सजा तथा अर्थदंड की सजा सुनाई है।

 

नैनीतालः उत्तराखंड में 8 साल पहले हुए छात्र की मौत के मामले में नैनीताल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने प्रतिष्ठित शेरवुड कॉलेज को दोषी माना है। साथ ही प्रधानाचार्य अमनदीप सिंह संधु व 2 अन्य कर्मचारियों को 2-2 साल की सजा तथा अर्थदंड की सजा सुनाई है।

वाक्या वर्ष 20014 का है। विगत 12 नवम्बर 2014 को कॉलेज के नौवीं कक्षा के छात्र शान प्रजापति की तबियत खराब हो गई थी। कॉलेज प्रबंधन ने उसे बीडी पांडे अस्पताल पहुंचाया और दिल्ली ले जाते वक्त रास्ते में उसकी असामयिक मौत हो गई। शान नेपाल का रहने वाला था और कॉलेज में छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहा था। इस मामले में छात्र के अभिभावक कॉलेज के रवैये से खुश नहीं थे। छात्र की मां नीना श्रेष्ठ की ओर से कॉलेज के प्रधानाचार्य अमनदीप संधु, सिस्टर पायल व हाउस मास्टर रवि कुमार पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रमेश सिंह की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से दलील दी गई कि कॉलेज प्रबंधन की ओर से छात्र के उपचार में लापरवाही बरती गई। अस्पताल में विलंब से भर्ती किया गया। इस मामले में कई गवाह पेश हुए।

वहीं अदालत ने अंत में तीनों आरोपियों को भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 304ए के तहत दोषी मानते हुए 2-2 साल की सजा सुनाई और 50-50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया। तीनों की ओर से हालांकि, कानूनी प्रावधानों के तहत तत्काल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अंतरिम जमानत के लिए प्रार्थना-पत्र पेश किया गया और अदालत ने उसे मंजूर कर लिया।
 

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