Edited By Nitika,Updated: 20 Sep, 2021 05:42 PM

उत्तराखंड के चमोली जनपद में सोमवार सुबह बादल फटने (अतिवृष्टि) के कारण गधेरे और सड़क पर आए मलबे तथा पत्थरों से व्यापक नुकसान हो गया। इससे एक युवती घायल होने के साथ ही, 5 झोंपड़े और 11 वाहन मलबे में दब गए हैं।
देहरादून/चमोलीः उत्तराखंड के चमोली जनपद में सोमवार सुबह बादल फटने (अतिवृष्टि) के कारण गधेरे और सड़क पर आए मलबे तथा पत्थरों से व्यापक नुकसान हो गया। इससे एक युवती घायल होने के साथ ही, 5 झोंपड़े और 11 वाहन मलबे में दब गए हैं।
राज्य और जिला आपदा प्रबंधन केन्द्र के अनुसार, तहसील नारायण बगड़ के ग्राम पन्ती में सुबह छह बजे अतिवृष्टि हुई, जिससे विनायक गधेरे और कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग बड़ी मात्रा में मलवा और पत्थर आ गया। इससे मोटर मार्ग के किनारे खड्ड में बनी झोंपड़ियों में भी मलवा घुस गया। पत्थरों की चपेट में आने से सुरजी कला पुत्री रामसिंह, आयु 20 वर्षीया, मूल निवासी नेपालगंज (नेपाल) साधारण रूप से घायल हो गई, जिसका उपचार नारायण बगड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हो रहा है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के श्रमिको के इन झोंपड़ियों में मलवे के कारण कुल 13 में रखा सामान पूर्णतया नष्ट हो गया है। इनमें प्रवास कर रहे 5 श्रमिक परिवार नेपाल देश के और 08 छत्तीसगढ़ राज्य के निवासी हैं। इसके साथ, 5 झोंपड़ी पूर्णतया क्षतिग्रस्त हुई हैं।
नारायण बगड़ के तहसीलदार की रिपोर्ट के हवाले से आपदा प्रबंधन केंद्र ने बताया कि सड़क किनारे खड़े कुल 11 वाहन मलवे में दबने के कारण क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि वैल्डिंग की एक दुकान में मलवा घुसने से उसमें रखा सारा सामान क्षतिग्रस्त हो गया। सभी प्रभावित लोगों को मुआवजे की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।