Edited By Anil Kapoor,Updated: 18 Sep, 2026 12:30 PM

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने चेतावनी दी है कि अगर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की मांगें पूरी नहीं करती हैं तो वे आंदोलन शुरू करेंगे। इन मांगों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी देना...
Muzaffarnagar News: भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने चेतावनी दी है कि अगर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की मांगें पूरी नहीं करती हैं तो वे आंदोलन शुरू करेंगे। इन मांगों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी देना और उत्तर प्रदेश में गन्ने का दाम 500 रुपए प्रति क्विंटल करना शामिल है।
किसान नेता टिकैत गुरुवार रात मुजफ्फरनगर के जीआईसी ग्राउंड में आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित कर रहे थे। यह महापंचायत पहली बार रात में आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि पंचायत ने मांग की है कि राज्य सरकार नए पेराई सत्र के लिए गन्ने का दाम 500 रुपए प्रति क्विंटल करे। उन्होंने कहा कि किसानों ने जमीन के सर्कल रेट बढ़ाने और कृषि भूमि की सुरक्षा की भी मांग की है। केंद्र सरकार ने एमएसपी की गारंटी के लिए कानून बनाने की लंबे समय से चली आ रही मांग को अभी तक पूरा नहीं किया है।
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टिकैत ने कहा कि किसानों के लिए संघर्ष ही एकमात्र विकल्प है। उन्होंने बताया कि गुरुवार रात जिला स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार को 16 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। महापंचायत को भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत और राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया। एक सरकारी बयान के अनुसार, सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना मूल्य की दरों में 30 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की थी। अगेती प्रजातियों के लिए 400 रुपए और सामान्य प्रजातियों के लिए 390 रुपए प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की गई थी।