Edited By Anil Kapoor,Updated: 18 Sep, 2026 08:42 AM

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से स्वास्थ्य महकमे और 108 एम्बुलेंस सेवा की पोल खोलती एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। मानिकपुर CHC से जिला अस्पताल रेफर किए गए एक गंभीर नवजात को ले जा रही एम्बुलेंस अस्पताल पहुंचने से ठीक पहले एलआईसी चौराहे के पास...
Chitrakoot News: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से स्वास्थ्य महकमे और 108 एम्बुलेंस सेवा की पोल खोलती एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। मानिकपुर CHC से जिला अस्पताल रेफर किए गए एक गंभीर नवजात को ले जा रही एम्बुलेंस अस्पताल पहुंचने से ठीक पहले एलआईसी चौराहे के पास अचानक बंद हो गई।
मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार देर रात जब नवजात की सांसें अटक रही थीं और परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल के करीब पहुंचे, तभी 108 एम्बुलेंस का इंजन जवाब दे गया। मौके पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के जवानों और राहगीरों ने काफी देर तक एम्बुलेंस को धक्का लगाकर चालू करने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई।
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बच्चे की बिगड़ती हालत देख वहां मौजूद ट्रैफिक पुलिस के सिपाही अजय यादव ने बिना वक्त गंवाए मोर्चा संभाला। अजय ने नवजात और उसके परिजनों को तुरंत अपनी बाइक पर बैठाया और जिला अस्पताल की ओर दौड़ लगा दी। समय पर अस्पताल पहुंचने की वजह से डॉक्टरों ने फौरन इलाज शुरू कर दिया, जिससे मासूम की जान बच सकी।
दूसरी तरफ, बीच सड़क पर बंद पड़ी एम्बुलेंस को धक्का मारते पुलिसकर्मियों और राहगीरों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मामले को तूल पकड़ता देख अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO) डॉ. एम.के. जकार्ता ने 108/102 सेवा के जिला प्रभारी को तलब कर जिले की सभी एम्बुलेंसों की फिटनेस और स्थिति की जांच के सख्त निर्देश जारी किए हैं।