Edited By Anil Kapoor,Updated: 29 Sep, 2026 07:16 AM

उत्तर प्रदेश के कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मनोचा की हत्या के मामले में पुलिस द्वारा क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किए जाने के बाद उनकी बहू शालू मनोचा को सोमवार को अदालत के आदेश पर जेल से रिहा कर दिया गया। पुलिस ने जांच में शालू के हत्या में प्रत्यक्ष या...
Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मनोचा की हत्या के मामले में पुलिस द्वारा क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किए जाने के बाद उनकी बहू शालू मनोचा को सोमवार को अदालत के आदेश पर जेल से रिहा कर दिया गया। पुलिस ने जांच में शालू के हत्या में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होने का कोई साक्ष्य नहीं मिलने की बात कही। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने शालू को 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने उन्हें जरूरत पड़ने पर अदालत या जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश भी दिया।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी क्षेत्र) एस.एम. कासिम आब्दी ने बताया कि अदालत के आदेश के बाद शालू को शाम करीब साढ़े 7 बजे रिहा कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपी बनाए गए विशाल गौतम के बयान के आधार पर शालू को गिरफ्तार किया गया था। विशाल ने जांचकर्ताओं को बताया था कि विनीत मनोचा की हत्या शालू के कहने पर की गई थी। उसने दावा किया था कि हत्या के बदले शालू ने उसे 6 लाख रुपए देने और नौकरी दिलाने का वादा किया था।
ये भी पढ़ें:- फतेहपुर में सिलेंडर ब्लास्ट से जमींदोज हुआ 2 मंजिला मकान: 2 मासूमों समेत 4 की मौ/त, दहल उठा इलाका
आरोपी ने पुलिस को बताया था कि इसमें 2 लाख रुपए अग्रिम और 4 लाख रुपए बाद में देने की बात कही गई थी। हालांकि, आब्दी ने बताया कि विस्तृत जांच के दौरान पुलिस को शालू की अपराध में किसी भी तरह की संलिप्तता साबित करने वाला कोई साक्ष्य नहीं मिला। उन्होंने बताया कि मामले की जांच में विनीत मनोचा के बेटे सुब्रत मनोचा के खिलाफ साक्ष्य सामने आए और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
शालू के अधिवक्ता शिवकांत दीक्षित ने बताया कि पुलिस ने सोमवार को सीजेएम अदालत में शालू के संबंध में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की, जिसके बाद अदालत ने उनकी रिहाई का आदेश दिया। विनीत मनोचा की 5 सितंबर को इंदिरा नगर स्थित रतन ऑर्बिट में उनके फ्लैट में चाकू से कई वार कर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने बाद में उनके बेटे सुब्रत मनोचा को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, सुब्रत ने अपने पूर्व घरेलू कर्मचारी विशाल गौतम और उसके सहयोगी राजकिशोर की मदद से हत्या की साजिश रची थी। तीनों आरोपी फिलहाल जेल में हैं।