Edited By Mamta Yadav,Updated: 13 Nov, 2025 02:49 PM

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले को खेल जगत में नई पहचान मिलने जा रही है। जल्द ही यहां 392 करोड़ रुपये की लागत से एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण शुरू होने वाला है। राज्य कैबिनेट ने बुधवार को सर्कुलेशन के जरिए इस परियोजना को मंजूरी दे दी...
Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले को खेल जगत में नई पहचान मिलने जा रही है। जल्द ही यहां 392 करोड़ रुपये की लागत से एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण शुरू होने वाला है। राज्य कैबिनेट ने बुधवार को सर्कुलेशन के जरिए इस परियोजना को मंजूरी दे दी है। निर्माण कार्य नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी (NCC) को सौंपा गया है, जिसे विभागीय दर से थोड़ी अधिक बोली पर ठेका मिला है। सरकार ने लक्ष्य तय किया है कि दो महीने के भीतर शिलान्यास और दो साल में स्टेडियम का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
स्थान और कनेक्टिविटी
यह स्टेडियम गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन के पास ताल नदौर में 50 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। लोकेशन भी बेहद रणनीतिक है-
- गोरखपुर एयरपोर्ट से दूरी: 23.6 किमी
- राप्तीनगर बस अड्डे से दूरी: 22 किमी
- गोरखपुर जंक्शन से दूरी: 20 किमी
सुविधाएं और क्षमता
गोरखपुर स्टेडियम में 30,000 दर्शकों के बैठने की क्षमता, 11 पिचें, आधुनिक फ्लडलाइट्स, वीआईपी बॉक्स, मीडिया सेंटर, जिम, और इंडोर प्रैक्टिस एरिया जैसी सुविधाएं होंगी। इसके साथ ही, एक विशाल पार्किंग एरिया भी तैयार किया जाएगा जिसमें 1500 कारें एक साथ खड़ी की जा सकेंगी।
गोरखनाथ मंदिर की झलक
वाराणसी स्टेडियम की तरह, गोरखपुर का यह स्टेडियम भी धार्मिक और सांस्कृतिक थीम पर आधारित होगा। यहां की डिज़ाइन में गोरखनाथ मंदिर की वास्तुकला और नाथ परंपरा की आध्यात्मिकता को दर्शाया जाएगा। मुख्य प्रवेश द्वार और दर्शक दीर्घाएं इस थीम से मेल खाएँगी।
पूर्वांचल के लिए नई उम्मीद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा यह स्टेडियम, पूर्वांचल में क्रिकेट और अन्य खेलों को नई उड़ान देगा। राज्य के खेल निदेशक डॉ. आर.पी. सिंह के अनुसार, “मुख्यमंत्री ने स्टेडियम को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। यह गोरखपुर ही नहीं, पूरे पूर्वांचल की पहचान बनेगा।” कानपुर और लखनऊ के बाद, वाराणसी का स्टेडियम लगभग तैयार है, और अब गोरखपुर उत्तर प्रदेश का चौथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनने जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि यह स्टेडियम साल 2027 के अंत तक तैयार हो जाए।