Edited By Anil Kapoor,Updated: 25 Nov, 2025 07:39 AM

Amethi News: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से सांसद किशोरी लाल शर्मा के खिलाफ लखनऊ हाईकोर्ट में एक अधिकार पृच्छा याचिका दाखिल की गई है। इस याचिका में किशोरी लाल के निर्वाचन को रद्द करने की मांग......
Amethi News: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से सांसद किशोरी लाल शर्मा के खिलाफ लखनऊ हाईकोर्ट में एक अधिकार पृच्छा याचिका दाखिल की गई है। इस याचिका में किशोरी लाल के निर्वाचन को रद्द करने की मांग की गई है।
याचिका का आधार
याचिका में आरोप लगाया गया है कि किशोरी लाल ने अपने चुनावी हलफनामे में अपने खिलाफ दर्ज मुकदमा छिपाया। साल 2012 में किशोरी लाल शर्मा के खिलाफ रायबरेली कोतवाली में राष्ट्रीय ध्वज के अपमान और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। याचिका में कहा गया है कि नामांकन के दौरान यह FIR छुपाई गई, इसलिए वे सांसद पद के लिए योग्य नहीं हैं।
पिछली याचिका और हाईकोर्ट का आदेश
इससे पहले किशोरी लाल के निर्वाचन को रद्द करने वाली याचिका 7 नवंबर 2025 को खारिज की जा चुकी है।उस आदेश में हाईकोर्ट ने कहा कि 2012 की FIR में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। याची ने इस फाइनल रिपोर्ट के खिलाफ प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र दाखिल किया, जिस पर अग्रिम विवेचना का आदेश हुआ, लेकिन अब तक विवेचना पूरी नहीं हुई है।
चुनाव आयोग का विरोध
चुनाव आयोग ने कोर्ट में कहा कि किशोरी लाल के खिलाफ अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है।कोर्ट ने उन्हें तलब भी नहीं किया है, इसलिए 2012 की FIR को उनके आपराधिक रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया जा सकता।
अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने अधिकार पृच्छा याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई का आदेश दिया है। अधिकार पृच्छा याचिका एक न्यायिक याचिका है, जिसके तहत अदालत यह जांचती है कि किसी व्यक्ति ने सार्वजनिक पद पर कब्जा करने का अधिकार सही ढंग से लिया है या नहीं।इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति को सार्वजनिक पद के अवैध प्रयोग से रोकना है।