खाकी फिर हुई दागदार! लूट के पीछे निकला ड्रग्स नेटवर्क, 4 सिपाही तस्करी में शामिल

Edited By Ramkesh,Updated: 25 Mar, 2026 04:00 PM

the khaki uniform is tainted again a drug network is found behind the robbery

उत्तर प्रदेश में कुशीनगी जिले के रामकोला क्षेत्र में सामने आए कथित लूट कांड ने अब बड़ा मोड़ ले लिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह लूट की कहानी असल में फर्जी थी और इसके पीछे गांजा तस्करी से जुड़े पैसों को हड़पने की साजिश रची गई थी।

कुशीनगर: उत्तर प्रदेश में कुशीनगी जिले के रामकोला क्षेत्र में सामने आए कथित लूट कांड ने अब बड़ा मोड़ ले लिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह लूट की कहानी असल में फर्जी थी और इसके पीछे गांजा तस्करी से जुड़े पैसों को हड़पने की साजिश रची गई थी।

पुलिस जांच के अनुसार, जिस घटना को अब तक लूट बताया जा रहा था, वह दरअसल तस्करी के पैसे को छिपाने और आपस में बांटने का एक सुनियोजित प्लान था। मामले ने उस वक्त और सनसनी फैला दी, जब इसमें पुलिस विभाग के ही चार सिपाहियों की संलिप्तता सामने आई। आरोप है कि सिपाही सूरज गिरी इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड था, जो तस्करी से कमाए गए पैसे को सीधे अपने खाते में मंगवाता था। उसके साथ सिपाही जितेंद्र, विनोद और नितेश के नाम भी सामने आए हैं।

बताया जा रहा है कि इन पुलिसकर्मियों पर करीब आठ तस्करों के साथ मिलकर संगठित तरीके से गांजा तस्करी चलाने का आरोप है। रामकोला लूट कांड की जांच के दौरान ही इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। फिलहाल, चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। इस खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
 

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