Edited By Harman Kaur,Updated: 17 Sep, 2023 04:06 PM

Mathura News: राधारानी का जन्म भले ही उनके ननिहाल रावल में हुआ हो किंतु बरसाने में श्याम सुंदर के साथ लीला करने और उनका पैतृक गांव होने के कारण, बरसाने की ओर तीर्थयात्री चुम्बक की तरह खिंचे चले आते हैं.....
Mathura News: राधारानी का जन्म भले ही उनके ननिहाल रावल में हुआ हो किंतु बरसाने में श्याम सुंदर के साथ लीला करने और उनका पैतृक गांव होने के कारण, बरसाने की ओर तीर्थयात्री चुम्बक की तरह खिंचे चले आते हैं। इस बार बरसाने के मंदिरों में राधा अष्टमी 23 सितंबर को मनाई जाएगी।

बता दें कि वैसे तो ब्रज के अधिकांश मन्दिरों में राधाष्टमी धूमधाम से मनाई जाती है। पर बरसाने का आकर्षण निराला इसलिए होता है क्योंकि जहां पर राधाष्टमी का पर्व पूर्णिमा तक अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। जिस प्रकार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर तीर्थयात्रियों का हजुम जुड़ता है। उसी प्रकार राधाष्टमी पर तीर्थयात्रियों का हजूम बरसाने में जुड़ता है। एक प्रकार से बड़ा मेला सा लग जाता है। जिसके कारण प्रशासन को वहां की व्यवस्थाएं ऐसी करनी पड़ती है कि तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी भी न हो और कोई घटना न घटे।

व्यवस्थाओं के संबंध में जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र को 7 सुपर जोन और 16 सेक्टर में विभाजित किया गया है और 39 पाकिर्ंग बनाए गए हैं। पाकिर्ंग एरिया को समतल कराने, उस पर रैंप बनाने, पेयजल, शौचालय एवं प्रकाश की व्यवस्था करने तथा चेकर्ड प्लेट की व्यवस्था करने, साइन बोर्ड लगाने को कहा गया है। पाकिर्ंग के बाद एक निश्चित सीमा से आगे कोई वाहन नहीं जाएगा। मंदिर में जाने के लिए वन वे सिस्टम लागू करने तथा मंदिर तक पहुंचने के लिए दस बॉक्स बनाने को कहा गया है। एक बार में एक बॉक्स में मौजूद तीर्थयात्री ही मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे और उनके तीन निकास द्वारों में से किसी से निकल जाने के बाद ही अगले बाॅक्स के तीर्थ यात्री मंदिर में जा सकेंगे।