Edited By Purnima Singh,Updated: 19 Jul, 2026 02:25 PM

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की एक अदालत ने अपने चार वर्षीय बेटे की फावड़े से हत्या करने और साक्ष्य मिटाने का प्रयास करने की दोषी महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया ...
बिजनौर : उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की एक अदालत ने अपने चार वर्षीय बेटे की फावड़े से हत्या करने और साक्ष्य मिटाने का प्रयास करने की दोषी महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। एक अधिवक्ता ने रविवार को यह जानकारी दी।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) मुकेश चौहान ने बताया कि मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) लोकेश नागर ने शनिवार को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आदेश देवी को हत्या और साक्ष्य मिटाने के प्रयास का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास तथा 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। उन्होंने बताया कि घटना 12 जून 2024 को जिले के हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के जलालपुर हसना गांव में हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, कपिल की पत्नी आदेश देवी ने अपने चार वर्षीय बेटे हर्ष पर फावड़े से वार किया और बाद में उसे लकड़ियों के ढेर में रखकर आग लगाने का प्रयास किया।
इसी दौरान कपिल खेत से घर लौटा और उसने बच्चे को आग से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कपिल की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आदेश देवी को गिरफ्तार कर लिया था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई पूरी होने पर अदालत ने यह फैसला सुनाया।