Edited By Purnima Singh,Updated: 07 Feb, 2026 07:26 PM

प्रयागराज में नाबालिग से जुड़े एक गंभीर और सनसनीखेज मामले ने प्रशासन को हिला कर रख दिया है। फाफामऊ इलाके में 15 वर्षीय किशोरी को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर और फर्जी दस्तावेजों के जरिए एक IVF सेंटर में डोनर बनाया गया। मामला सामने आते ही पुलिस ने त्वरित...
Prayagraj News : प्रयागराज में नाबालिग से जुड़े एक गंभीर और सनसनीखेज मामले ने प्रशासन को हिला कर रख दिया है। फाफामऊ इलाके में 15 वर्षीय किशोरी को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर और फर्जी दस्तावेजों के जरिए एक IVF सेंटर में डोनर बनाया गया। मामला सामने आते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
आर्थिक तंगी का फायदा उठाने का आरोप
पीड़िता की मां के अनुसार, उनके पति की ट्रैक्टर दुर्घटना में मौत के बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया था। इसी दौरान जोया खान और पलक नाम की दो महिलाओं ने उनकी बेटी को लालच देकर अपने प्रभाव में लिया। आरोप है कि किशोरी का मानसिक रूप से प्रभावित किया गया, वह अलग पहनावे में रहने लगी और कई बार घर से गायब भी हो गई।
गेस्ट हाउस से लापता, IVF सेंटर में मिली
मां ने बताया कि बेटी 7 जनवरी को एक गेस्ट हाउस से लापता हुई और 15 जनवरी के बाद उसका कोई पता नहीं चला। 21 जनवरी को किशोरी प्रयागराज के इंदिरा IVF सेंटर में मिली। आरोप है कि वहां फर्जी आधार कार्ड और फर्जी सहमति पत्र (कंसेंट फॉर्म) के आधार पर नाबालिग से अवैध रूप से प्रक्रिया कराई गई।
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FIR दर्ज, कई आरोपी गिरफ्तार
मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर से की गई, जिसके बाद फाफामऊ थाने में जोया खान, पलक, मिजान, रिंकी हेला, सीमा, हिमांशु और कल्पना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने पलक, रिंकी, सीमा, हिमांशु और कल्पना को गिरफ्तार कर लिया है।
पैसों और मोबाइल के लालच में बनाया डोनर
3 फरवरी को पीड़िता की मां ने स्वयं बेटी को वन स्टॉप सेंटर भेजा। वहां दर्ज बयान में किशोरी ने बताया कि पलक और रिंकी ने आईफोन और पैसों का लालच देकर उसे IVF डोनर बनने के लिए मजबूर किया। जांच में यह भी सामने आया कि हिमांशु ने मोबाइल ऐप के जरिए फर्जी आधार कार्ड बनाकर नाबालिग को विवाहित दर्शाया, जबकि कल्पना ने कथित तौर पर फर्जी एफिडेविट जारी किया।
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पुलिस का बयान, जांच जारी
डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि पीड़िता की मां की तहरीर और किशोरी के बयान के आधार पर कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। फिलहाल नाबालिग को बाल सुधार गृह में रखा गया है और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) मामले की निगरानी कर रही है। यह मामला न केवल कानून व्यवस्था बल्कि बाल सुरक्षा से जुड़े तंत्र पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है, जिस पर प्रशासन की सख्त नजर बनी हुई है।