Edited By Mamta Yadav,Updated: 02 Apr, 2023 11:38 PM

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के चीनी मिल (Sugar mill) एवं गन्ना विकास मंत्री (Sugarcane development minister) लक्ष्मी नारायण चौधरी (Laxmi Narayan Chowdhary) ने रविवार को कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के नेतृत्व वाली सरकार...
मथुरा: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के चीनी मिल (Sugar mill) एवं गन्ना विकास मंत्री (Sugarcane development minister) लक्ष्मी नारायण चौधरी (Laxmi Narayan Chowdhary) ने रविवार को कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के नेतृत्व वाली सरकार (Government) के समय में गन्ने की खेती का जल्दी भुगतान सुनिश्चित कर पिछले छह साल में किसानों को दो लाख 4 हजार 745 करोड़ के गन्ने मूल्य का भुगतान किया जा चुका है।

एक भी गन्ना किसान के खेत में है तब तक प्रदेश में चीनी मिल चलेगी
चौधरी ने आज यहां पत्रकारों को बताया कि इस सीजन में कुल 930 करोड़ टन गन्ने की पेराई हुई है तथा 31 मार्च 2023 तक गन्ना किसानों को 21620 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में 96 चीनी मिल चल रही हैं। उन्होंने कहा कि जब तक एक भी गन्ना किसान के खेत में है तब तक प्रदेश में चीनी मिल चलेगी। उन्होंने बताया कि गन्ने का समय से भुगतान करने के कारण पिछले 6 साल में गन्ने की खेती का क्षेत्रफल करीब साढे आठ लाख हेक्टेयर बढ़ा है। आज एथनॉल के उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। प्रयास है कि आने वाले समय में किसान का ट्रैक्टर एथनॉल से ही चले। सरकार की मंशा है कि किसान का उत्पाद किसान के ही काम आए।

यूपी में 105 मिल किसान को 10 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं
उन्होंने दावा किया कि जितना गेहू और धान की खरीद एमएसपी के तहत होती है उससे कई गुना अधिक पैसा गन्ने की खरीद के जरिए किसान तक पहुंचता है। मंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकारों के समय में गन्ना किसान को गन्ने के मूल्य का भुगतान जहां टेढी खीर की तरह था वहीं आज यूपी में 105 मिल ऐसी है जो किसान को 10 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के समय किसानों से वायदा किया गया था कि यूपी में एक सप्ताह में गन्ना मूल्य भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी और आज सरकार उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
कोविड के दौर में जब दुनिया पूरी तरह से ठहर गई थी तब भी यूपी की 119 चीनी मिल चलती रही थीं
मंत्री का मानना है कि किसान की आमदनी को दोगुना करने के प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करने की दिशा में भी सरकार के प्रयास मील का पत्थर साबित होंगे। गन्ने की प्राकृतिक खेती पर भी जोर दिया जा रहा है। यह जीरो बजट खेती है तथा आज प्रकृतिक खेती के उत्पादों का बाजार भी तेजी से बढ़ रहा है। यह भी किसान की आमदनी बढ़ा रहा है। गन्ना विकास मंत्री ने कहा कि यूपी में अनेक बार ऐसी परिस्थितियां रही है जब किसान का गन्ना खेत में ही सूख गया अथवा खेत में खड़े गन्ने में आग लगानी पड़ी थी। जब से यूपी में योगी जी के नेतृत्व में सरकार बनी है तबसे किसान के खेत में एक भी गन्ना बाकी नहीं रहा है तथा अंतिम समय तक शुगर मिल चली हैं यहां तक कि कोविड के दौर में जब दुनिया पूरी तरह से ठहर गई थी और कारखाने तक बन्द हो गए थे तब भी यूपी की 119 चीनी मिल चलती रही थीं।