सोनिया के गढ़ में लोगों की हालत दयनीय, कच्चे मकान व झोपड़ियों में रहने को मजबूर

Edited By Tamanna Bhardwaj,Updated: 16 May, 2018 03:37 PM

उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक गांव ऐसा भी है, जहां गरीबों के कच्चे मकान, झोपड़ी आज भी पक्के नहीं हो सके हैं। सरकारें बदल गई, लेकिन पिछले 35 साल से यहां के लोगों को छत तक नसीब नहीं हो रही। लोग छप्पर लगाकर गुजारा कर रहे हैं...

रायबरेलीः उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक गांव ऐसा भी है, जहां गरीबों के कच्चे मकान, झोपड़ी आज भी पक्के नहीं हो सके हैं। सरकारें बदल गई, लेकिन पिछले 35 साल से यहां के लोगों को छत तक नसीब नहीं हो रही। लोग छप्पर लगाकर गुजारा कर रहे हैं। पिछले कई दशक से जिले पर कांग्रेस का शासन है। वर्तमान में भी कांग्रेस से सोनिया गांधी यहां की सांसद है, लेकिन अगर विकास की बात की जाए तो ये गांव विकास की पोल खोलने के काफी है।
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जानकारी के मुताबिक खीरों थाना क्षेत्र के लाला खेड़ा मजरे सकतपुर गांव के लोधी बिरादरी के दर्जनों गरीब लोग सरकार से मिलने वाले लाभ से आज भी वंचित है, इससे पिछली सरकार सहित मौजूदा सरकार को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है, यहां के रहने वाले गरीबों का आरोप है कि लगभग 35 साल बीतने वाले हैं, लेकिन उन्हें आज तक एक छत नहीं नसीब हो सकी। सभी लोग छप्पर और कच्चे मकानों में आज भी रहने को मजबूर हैं।
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इस गांव में आज भी कई परिवार ऐसे हैं। जो छप्पर के नीचे जीवन गुजार रहे हैं और इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। जबकि उच्चाधिकारियों की गाड़ी क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए दौड़ती रहती है, लेकिन किसी अधिकारी या मंत्री की नजर गांव में अभी तक क्यों नहीं पड़ी, यह जांच के विषय है। इस मामले को अधिकारियों से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन कार्यालय पर किसी से मुलाकात नहींं हो सकी।

ग्रामीणों को कहना है कि कई बार प्रधान सहित उच्चा अधिकारियों की चौखट पर गुहार लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। प्रधान का कहना है कि जब सपा सरकार आएगी तभी कालोनी मिल पाएगी। अब ऐसे में अपने बच्चों को लेकर झोपड़पट्टी में अपनी जिंदगी काटने को मजबूर हैं। जबकि वह सभी कॉलोनियों के पात्र है।


 

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