रामभद्राचार्य के 'मिनी पाकिस्तान' बयान का ऊर्जा मंत्री ने किया समर्थन, कहा- ‘समाज को दिशा दे रहे हैं जगद्गुरु’

Edited By Mamta Yadav,Updated: 21 Sep, 2025 03:46 AM

energy minister supports rambhadracharya s  mini pakistan  statement

पश्चिमी उत्तर प्रदेश को लेकर दिए गए जगद्गुरु रामभद्राचार्य के "मिनी पाकिस्तान" वाले बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा कर दी हैं। जहां एक ओर इस टिप्पणी की आलोचना की जा रही है, वहीं अब उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री सोमेंद्र...

Muzaffarnagar News: पश्चिमी उत्तर प्रदेश को लेकर दिए गए जगद्गुरु रामभद्राचार्य के "मिनी पाकिस्तान" वाले बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा कर दी हैं। जहां एक ओर इस टिप्पणी की आलोचना की जा रही है, वहीं अब उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री सोमेंद्र तोमर ने बयान का समर्थन करते हुए इसे "स्थिति के अनुरूप सही" बताया है। शनिवार को मुजफ्फरनगर में मीडिया से बात करते हुए मंत्री तोमर ने कहा, "रामभद्राचार्य जी बहुत विद्वान हैं और उन्होंने जो कुछ भी कहा, वह यहां की स्थिति को देखते हुए बिल्कुल सही है।"

मंत्री ने कहा- रामभद्राचार्य समाज को दिशा दे रहे हैं
रामभद्राचार्य पर आलोचनाओं को लेकर ऊर्जा मंत्री ने कहा, "जो लोग उनका मजाक उड़ा रहे हैं, वे अपनी मानसिकता का परिचय दे रहे हैं। वह जन्म से नेत्रहीन हैं, लेकिन दिव्यांगों का भी समाज में विशेष स्थान है। वे समाज को एक सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा कि "स्वामी जी जैसे लोग हमारे समाज की रीढ़ हैं, और उनके कथनों को गहराई से समझने की ज़रूरत है।"

क्या था रामभद्राचार्य का बयान?
हाल ही में मेरठ में एक रामकथा के दौरान रामभद्राचार्य ने कहा था कि, "पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आकर ऐसा लगता है जैसे मिनी पाकिस्तान में आ गए हों।" उन्होंने यह भी कहा था कि "हिंदू समाज संकट में है और न्याय से वंचित है। प्रत्येक हिंदू परिवार को अपने बच्चों को धर्म की शिक्षा देनी चाहिए और हर घर को धर्मशाला बनाना चाहिए।" उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा, "हम किसी को छेड़ते नहीं, लेकिन अगर कोई छेड़ेगा, तो छोड़ेंगे भी नहीं।"

विरोध में भी उठीं आवाजें
रामभद्राचार्य के इस बयान पर कई राजनीतिक दलों और नेताओं ने नाराजगी जताई है। भीम आर्मी प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने बिना नाम लिए कहा, "एक ऐसे संत हैं जिनकी आंखें नहीं हैं, सोचिए उनके कितने पाप होंगे?" उन्होंने इस बयान को समाज में नफरत फैलाने वाला करार दिया।

सोशल मीडिया पर भी बहस तेज
रामभद्राचार्य के इस बयान और उन पर की गई व्यक्तिगत टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस जारी है। जहां समर्थक इसे हिंदू चेतना की आवाज बता रहे हैं, वहीं विरोधी इसे सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश मान रहे हैं।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!