'कान खोल कर सुन लें अफसर, तालाबों पर हुए कब्जे तो वो भी नपेंगे', Deputy CM बृजेश पाठक का अधिकारियों को अल्टीमेटम

Edited By Purnima Singh,Updated: 11 Jan, 2026 02:13 PM

deputy cm brijesh pathak s ultimatum to officials

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के कानपुर दौरे के दौरान तालाबों पर हो रहे अवैध कब्जों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। इस पर डिप्टी सीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ शब्दों में कहा कि राजस्व रिकॉर्ड (खतौनी) में यदि कोई भूमि तालाब के रूप में दर्ज...

कानपुर (प्रांजुल मिश्रा) : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के कानपुर दौरे के दौरान तालाबों पर हो रहे अवैध कब्जों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। इस पर डिप्टी सीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ शब्दों में कहा कि राजस्व रिकॉर्ड (खतौनी) में यदि कोई भूमि तालाब के रूप में दर्ज है और उस पर कब्जा किया जा रहा है, तो हर हाल में कार्रवाई होगी। 

'लापरवाह अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा' 
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि तालाब पाटने या उस पर निर्माण कराने वालों के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों को भी नहीं बख्शा जाएगा। डिप्टी सीएम ने कहा, “मैं अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं- कान खोलकर सुन लें। अगर कागजों में तालाब दर्ज है और उसे पाटा जा रहा है, तो सख्त कार्रवाई तय है। कोई भी बचेगा नहीं।”

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‘गाटा संख्या दीजिए, तुरंत होगी कार्रवाई’
तालाबों पर कब्जे को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं भी तालाब पर कब्जा किया गया है तो उसकी गाटा संख्या लिखित में उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा, “यदि तालाब खतौनी में दर्ज है और उस पर कब्जा है, तो कब्जा करने वाले के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
इस दौरान लाल कॉलोनी स्थित रामलाल का तालाब पर कब्जे के मामले का भी जिक्र किया गया। इस पर डिप्टी सीएम ने दो टूक कहा कि दस्तावेज दीजिए, कार्रवाई जरूर होगी। 

अधिकारियों की जिम्मेदारी तय
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल कब्जा करने वाले ही नहीं, बल्कि जिन अधिकारियों की मिलीभगत या लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ भी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि तालाब जैसे जल स्रोतों को खत्म करना पर्यावरण और भविष्य दोनों के लिए गंभीर खतरा है। 

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जल स्रोतों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता -  बृजेश पाठक
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर गंभीर है और तालाब, पोखर व अन्य सार्वजनिक जलाशयों को कब्जा मुक्त कराना सरकार की प्राथमिकता है।

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