सुपोषित शिशु और स्वस्थ मां से ही सशक्त भारत: सीएम योगी आदित्यनाथ

Edited By Pooja Gill,Updated: 30 Mar, 2026 01:50 PM

a strong india is possible only with a well nourished

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि नवजात शिशु सुपोषित और मां स्वस्थ है, तो भारत का भविष्य सशक्त माना जा सकता है...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि नवजात शिशु सुपोषित और मां स्वस्थ है, तो भारत का भविष्य सशक्त माना जा सकता है। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन और नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए ये बातें की। उन्होंने कहा, "पिछले नौ वर्षों में 'डबल इंजन' सरकार ने इस दिशा में कई कदम उठाए हैं और इन प्रयासों को जमीन पर उतारने में आप सभी की अहम भूमिका है।" 

'हर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पास स्मार्टफोन होना चाहिए'
सीएम योगी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की सराहना करते हुए कहा कि वे जमीनी स्तर पर योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा, "आप यशोदा मैया की भूमिका निभाते हुए बच्चों के पोषण और देखभाल के साथ-साथ कुपोषण और बीमारियों के खिलाफ भी लड़ रही हैं।" मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम है और वह पिछले चार वर्षों से इस बात पर जोर दे रहे थे कि हर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पास स्मार्टफोन होना चाहिए। 

'स्मार्टफोन देकर प्रशिक्षित करना आवश्यक'
मुख्यमंत्री ने कहा, "वह (आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका) जो मेहनत करती हैं, वह रियल टाइम (वास्तविक समय में) डेटा समय पर नहीं मिल पाता था, जिससे रैंकिंग प्रभावित होती थी। इसलिए उन्हें स्मार्टफोन देकर प्रशिक्षित करना आवश्यक है।" योगी ने कहा कि लखनऊ से लेकर सभी जिलों तक यह कार्यक्रम संपन्न हो रहा है। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के नए डिजाइन का विमोचन भी किया गया है, जिससे उनकी भूमिका और अधिक सशक्त होगी।

'आंगनबाड़ी केंद्रों में ही 'प्री-प्राइमरी' शिक्षा की व्यवस्था की जा रही'
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत तीन से पांच वर्ष के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में ही 'प्री-प्राइमरी' शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले जो 27 हजार केंद्र बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित होते थे, अब उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। योगी ने कहा कि आंगनबाड़ी और 'प्री-प्राइमरी' को छह वर्ष तक के बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। 
 

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