Edited By Purnima Singh,Updated: 29 Nov, 2025 01:21 PM

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में होली के समारोह के दौरान महिला सिपाही से जबरन रंग लगाने और छेड़खानी के गंभीर मामले में गोरखपुर जोन के एडीजी मुथा अशोक जैन ने कड़ी कार्रवाई की है। शुरुआती जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद तीनों आरोपी पुलिसकर्मियों पर...
बलरामपुर : उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में होली के समारोह के दौरान महिला सिपाही से जबरन रंग लगाने और छेड़खानी के गंभीर मामले में गोरखपुर जोन के एडीजी मुथा अशोक जैन ने कड़ी कार्रवाई की है। शुरुआती जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद तीनों आरोपी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच चल रही है और अब इन पर बर्खास्तगी की तलवार भी लटक रही है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित महिला सिपाही ने शिकायत में बताया कि होली के बाद वह थाना परिसर में चाबी लेने पहुंची थी। इस दौरान नशे में धुत तीन सिपाहियों- मुख्य आरक्षी अमित कुमार, आरक्षी पन्नेलाल और आरक्षी शैलेंद्र कुमार ने उसके मना करने के बाद भी जबरन गीला रंग लगाने की कोशिश की। विरोध करने पर वे उसके साथ छेड़खानी पर उतर आए। खुद को बचाने के लिए वह थाना परिसर में खड़े एक ट्रैक्टर पर चढ़ गई, लेकिन आरोपी उसे नीचे उतारकर जबरन रंग लगाने लगे और उसके प्राइवेट पार्ट को टच करने तक की शर्मनाक हरकत की। इसके साथ ही तीनों सिपाहियों ने उसके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। महिला सिपाही अकेले किराए के कमरे में रहती है, जिससे उसे अतिरिक्त सुरक्षा का डर भी सताने लगा।
ADG के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद एडीजी गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन ने तत्काल सख्त जांच के निर्देश दिए। मामला विशाखा कमेटी को सौंपा गया, जिसकी रिपोर्ट में तीनों पुलिसकर्मी दोषी पाए गए। इसके बाद बलरामपुर एसपी ने सभी तीनों के खिलाफ 26 नवंबर को मुकदमा दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया। साथ ही विभागीय कार्रवाई के तहत धारा 14(1) के तहत प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ज़ीरो टॉलरेंस की नीति
एडीजी मुथा अशोक जैन ने स्पष्ट किया कि महिला अपराध से जुड़े मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल में अनुशासन भंग करने वाले और महिला सम्मान के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। इस समय तीनों आरोपी पुलिसकर्मी न केवल निलंबित हैं बल्कि विभागीय जांच के चलते उनकी नौकरी भी खतरे में है।