राम मंदिर चोरी कांड में अखिलेश की एंट्री! चंपत राय के ड्राइवर से कनेक्शन के दावे पर सपा का बड़ा एक्शन

Edited By Anil Kapoor,Updated: 08 Jul, 2026 09:58 AM

sp issues legal notice to nishikant dubey over ram temple offering theft case

समाजवादी पार्टी (SP) ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में गिरफ्तार 8 आरोपियों में शामिल रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से जोड़ने वाले सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लोकसभा सदस्य निशिकांत दुबे को...

Lucknow News: समाजवादी पार्टी (SP) ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में गिरफ्तार 8 आरोपियों में शामिल रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से जोड़ने वाले सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लोकसभा सदस्य निशिकांत दुबे को कानूनी नोटिस भेजा है। समाजवादी अधिवक्ता सभा के अध्यक्ष कृष्ण कन्हैया पाल ने मंगलवार को  एक न्सेयूज एजेंसी कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ मानहानि, चरित्र हनन और दुर्भावनापूर्ण सामग्री प्रकाशित करने के आरोप में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को कानूनी नोटिस भेजा गया है।

सपा अधिवक्ता सभा ने भेजा 5 पन्नों का लीगल नोटिस
पाल द्वारा दुबे को भेजे गए 5 पृष्ठों के नोटिस में कहा गया है कि आप (निशिकांत दुबे) ने ऐसी मानहानिकारक सामग्री साझा की है, जिसका उद्देश्य समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के प्रति जानबूझकर घृणा फैलाना है। इससे समाजवादी पार्टी के खिलाफ सीधे तौर पर नफरत भड़काने का प्रयास हुआ है, जो राजद्रोह जैसी प्रकृति का है। पाल ने मांग की कि दुबे 2 सप्ताह के भीतर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के पक्ष में सार्वजनिक रूप से माफी प्रकाशित करें। नोटिस भेजने के कारण के बारे में पूछे जाने पर पाल ने कहा कि इसकी वजह दुबे द्वारा रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव को अखिलेश यादव से जोड़ना और ऐसी एक सोशल मीडिया पोस्ट को दोबारा साझा करना है, जिसमें दोनों के बीच संबंध होने का दावा किया गया था।

BJP सांसद की एक पोस्ट से शुरू हुआ पूरा विवाद
यह विवाद दुबे की 5 जुलाई की 'एक्स' पोस्ट से शुरू हुआ। भाजपा सांसद दुबे ने 4 जुलाई की एक पोस्ट को दोबारा साझा करते हुए लिखा था कि क्या टिन्नू, टीपू से बात कर रहा था? दुबे ने टीपू शब्द का इस्तेमाल अखिलेश यादव के लिए किया। जिस पोस्ट को दुबे ने साझा किया था, उसमें सरवनप्रसाद बालासुब्रमण्यम ने दावा किया था कि ''रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव और अखिलेश यादव के बीच कथित संपर्क ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले को और सनसनीखेज बना दिया है। बालासुब्रमण्यम ने उस पोस्ट में कहा था कि पुलिस जांच और मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड के विश्लेषण के अनुसार, टिन्नू यादव कथित तौर पर अखिलेश यादव के नियमित संपर्क में था और लगभग हर दिन एक-दो बार उनसे बात करता था।

नोटिस मिलने के बाद निशिकांत दुबे का अखिलेश पर तंज
रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तारी से एक दिन पहले भी टिन्नू यादव ने अखिलेश यादव से 3 बार फोन पर बात की थी। पोस्ट में यह भी दावा किया गया था कि पेशे से टेंपो चालक टिन्नू यादव ने कथित तौर पर खुद को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) का कार्यकर्ता बताकर राम मंदिर प्रबंधन का विश्वास हासिल किया और उसे श्रद्धालुओं के चढ़ावे को एकत्र करने तथा उसकी गिनती का काम सौंपा गया। पोस्ट में कहा गया था कि यदि इन कथित फोन संपर्कों की जानकारी सही है तो इन बातचीत की प्रकृति और उद्देश्य की निष्पक्ष एवं गहन जांच होनी चाहिए। सपा के इस नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए दुबे ने मंगलवार को 'एक्स' पर हिंदी में लिखा कि अखिलेश जी, ऐसे वकील आपको बदनाम कर रहे हैं। अगर आपकी मानहानि हुई है तो कानूनी नोटिस स्वाभाविक रूप से आपको ही भेजना चाहिए था, कानून यही कहता है। मैं यह कानून बनाने वाली समिति का सदस्य था, इसलिए इसकी जानकारी रखता हूं।

पोस्ट और जातिसूचक टिप्पणी को लेकर वकील भी मानहानि का केस करेंगे
दुबे ने आगे लिखा कि आपने अपनी क्या हालत बना ली है? कुछ ले क्यों नहीं लेते? कम से कम एक विक्स की गोली ही ले लीजिए।'' पाल ने दुबे के बयान का जवाब देते हुए नोटिस के 13वें बिंदु का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि आप (नोटिस प्राप्तकर्ता) द्वारा अपने सत्यापित 'एक्स' खाते से साझा की गई मानहानिकारक, अपमानजनक और जातिसूचक टिप्पणी से आम जनता की नजर में मेरी छवि धूमिल हुई है। पाल ने कहा कि वह वर्तमान में समाजवादी पार्टी के प्रकोष्ठ समाजवादी अधिवक्ता सभा के अध्यक्ष हैं और इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में अधिवक्ता के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि दुबे ने उन्हें भेजे गए नोटिस को ठीक से पढ़ा नहीं और उनके खिलाफ भी मानहानिकारक टिप्पणी की। पाल ने कहा कि ये सभी बातें, जिनमें निशिकांत दुबे की 'एक्स' पोस्ट भी शामिल है, अदालत में मानहानि के मुकदमे और आपराधिक शिकायत दायर करते समय प्रस्तुत की जाएंगी।

अखिलेश की 10 मिनट की चेतावनी और मुख्य आरोपी का सच
इससे पहले, सोमवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी रामशंकर से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दुबे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। अखिलेश यादव ने 'एक्स' पर लिखा था कि भगवान श्रीराम की मर्यादा, सामाजिक शिष्टाचार, सभ्यता और संसदीय परंपराओं का सम्मान करते हुए हम भाजपा सांसद को यह झूठी पोस्ट हटाने के लिए 10 मिनट का समय देते हैं। अन्यथा उनके खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, टिन्नू यादव चढ़ावा चोरी की कथित साजिश के प्रमुख आरोपियों में से एक है। सूत्रों का दावा है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के निजी चालक के रूप में नियुक्त टिन्नू यादव के पास चढ़ावे की गिनती वाले कक्ष और दान पेटियों की चाबियों तक अनधिकृत पहुंच थी, जिससे कथित तौर पर गिनती की प्रक्रिया में हेरफेर संभव हुआ। वहीं, टिन्नू यादव की पत्नी पूनम यादव ने रविवार को दावा किया था कि उनके पति निर्दोष हैं और प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए उन्हें इस मामले में फंसाया गया है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!