राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: 8 आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी, ₹80 लाख बरामदगी के बाद आज रिमांड की तैयारी

Edited By Anil Kapoor,Updated: 29 Jun, 2026 09:01 AM

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अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों के आवासों पर रविवार को पुलिस ने एक साथ छापेमारी की। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई मामले की जांच के सिलसिले में की गई। उन्होंने बताया...

Ayodhya News: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों के आवासों पर रविवार को पुलिस ने एक साथ छापेमारी की। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई मामले की जांच के सिलसिले में की गई। उन्होंने बताया कि स्थानीय मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस दलों ने लव कुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला और रामाशंकर यादव समेत सभी आरोपियों के घरों की तलाशी ली।

आरोपियों के घरों से दस्तावेज बरामद
सूत्रों के मुताबिक, तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी मनीष यादव के घर से आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए। इसके लिए पुलिस ने उसके परिजनों से बंद मकान खुलवाया। अन्य आरोपियों के घरों की भी तलाशी ली गई, जहां परिजनों से पूछताछ की गई और दस्तावेजों की जांच की गई। सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने कुछ आरोपियों की संपत्ति, उनके पिछले रिकॉर्ड और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए उनके पड़ोसियों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ की।

अदालत में पेशी और रिमांड की तैयारी
अयोध्या की एक अदालत ने 2 दिन पहले सभी 8 आरोपियों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अदालत में सोमवार को पेशी के दौरान पुलिस उनकी रिमांड का अनुरोध कर सकती है। गिरफ्तार आरोपियों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव की ड्यूटी राम मंदिर में दान के रूप में प्राप्त नकदी और कीमती चीजों की गिनती से संबंधित कार्य में थी।

अब तक करीब ₹80 लाख की रिकवरी
अभियोजन पक्ष के अनुसार, जांचकर्ताओं ने अब तक 79.85 लाख रुपए बरामद किए हैं। मामला भारतीय न्याय संहिता की चोरी, नौकर द्वारा चोरी, आपराधिक न्यासभंग, चोरी का माल रखने और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराओं के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। यह प्राथमिकी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट की सिफारिश पर दर्ज की गई थी। इस महीने की शुरुआत में चढ़ावे के कथित गबन के आरोप सामने आने के बाद राज्य सरकार ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया था।

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