UP सरकार का बड़ा तोहफा, अब 69 हजार होमगार्ड परिवारों को मिलेगा ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज, योगी कैबिनेट में लिया गया फैसला

Edited By Purnima Singh,Updated: 07 Jul, 2026 11:24 AM

home guards to get cashless medical treatment facility of up to 5 lakh

उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने राज्य के होमगार्ड विभाग में कार्यरत स्वयंसेवकों, अवैतनिक अधिकारियों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को सोमवार को मंजूरी दे...

लखनऊ : उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने राज्य के होमगार्ड विभाग में कार्यरत स्वयंसेवकों, अवैतनिक अधिकारियों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को सोमवार को मंजूरी दे दी। सरकार के एक बयान के अनुसार, इस योजना से राज्य के लगभग 69,000 होमगार्ड स्वयंसेवकों और उनके आश्रित परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। बयान में कहा गया कि यह सुविधा 'स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज' (साचिस) के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में पुलिस विभाग तथा कई अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों के लिए वर्दी संबंधी भत्तों में वृद्धि के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। छह दिसंबर, 2025 को होमगार्ड दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने होमगार्ड स्वयंसेवकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की थी। मंत्रिमंडल की मंजूरी के साथ अब इस घोषणा को लागू किया जा रहा है।

आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलेगा इलाज
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा, ''इस योजना के तहत होमगार्ड स्वयंसेवकों, अवैतनिक अधिकारियों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को 'आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के तहत सूचीबद्ध सरकारी एवं संबद्ध निजी अस्पतालों में प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक के कैशलेस भर्ती (आईपीडी) उपचार की सुविधा मिलेगी।'' उन्होंने कहा, ''यह योजना गंभीर बीमारी की स्थिति में परिवारों को महत्वपूर्ण आर्थिक राहत प्रदान करेगी।''

सरकार वहन करेगी प्रीमियम, बढ़ेगा वित्तीय भार
स्वीकृत योजना के तहत राज्य सरकार प्रत्येक होमगार्ड स्वयंसेवक और अवैतनिक अधिकारी के लिए प्रतिवर्ष 3,000 रुपये का प्रीमियम वहन करेगी। बयान के अनुसार, इस योजना पर राज्य सरकार का अनुमानित वार्षिक व्यय लगभग 35.50 करोड़ रुपये होगा।

कई विभागों के कर्मचारियों के वर्दी भत्ते में भी बढ़ोतरी
मंत्रिमंडल ने मुख्य सचिव समिति की उन सिफारिशों को भी मंजूरी दे दी, जो वेतन समिति (2016) की अनुशंसाओं के आधार पर तैयार की गई थीं। इसके तहत गृह (पुलिस) विभाग के कर्मचारियों को देय भत्तों में संशोधन किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने न्याय विभाग के अधीनस्थ न्यायालयों, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, वन विभाग, आबकारी विभाग, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा आयुष विभाग के कर्मचारियों के लिए वर्दी भत्ता, वर्दी नवीनीकरण भत्ता और वर्दी धुलाई भत्ते में वृद्धि को भी मंजूरी दी है। इन सिफारिशों को लागू करने से राज्य सरकार पर प्रतिवर्ष लगभग 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।

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