Edited By Anil Kapoor,Updated: 05 Jul, 2026 08:24 AM

उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने नकली नोटों के एक अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है जिसके तार बांग्लादेश से जुड़े होने का संदेह है। इस मामले में पश्चिम बंगाल के मालदा से नकली नोटों की आपूर्ति करने वाले और 25 हजार रुपए के...
Lucknow News: उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने नकली नोटों के एक अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है जिसके तार बांग्लादेश से जुड़े होने का संदेह है। इस मामले में पश्चिम बंगाल के मालदा से नकली नोटों की आपूर्ति करने वाले और 25 हजार रुपए के इनामी एक संदिग्ध तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। एटीएस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
मालदा से दबोचा गया तस्कर जाकिर, वाराणसी लाकर पूछताछ शुरू
एटीएस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए तस्कर की पहचान जाकिर के तौर पर हुई है, जो पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के वैष्णवनगर थाना क्षेत्र के ठाकुर दास मंडलपारा देवनापुर का निवासी है। उसे मालदा से गिरफ्तार करने के बाद वाराणसी लाकर पूछताछ की गई। वह नवंबर 2024 में सारनाथ थाने में दर्ज एक मामले में फरार था।
बांग्लादेश में छप रहे थे जाली नोट, वाराणसी में ₹2 लाख के साथ 2 गिरफ्तार
बयान के अनुसार, एटीएस को खुफिया जानकारी मिली थी कि तस्करों का एक गिरोह बांग्लादेश में छापी गई नकली भारतीय मुद्रा हासिल कर रहा था और पश्चिम बंगाल में मौजूद अपने लोगों के जरिए उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में इसकी आपूर्ति कर रहा था। जांच के दौरान, एटीएस ने नवंबर 2024 में वाराणसी से मोहम्मद सुलेमान अंसारी और उसके साथी इदरीस को 2 लाख रुपए की नकली भारतीय मुद्रा के साथ गिरफ्तार किया था।
रफीकुल लाता था सीमा पार से खेप, फिर देश भर में फैलाया जाता था जाल
बयान के अनुसार पूछताछ के दौरान, दोनों ने बताया कि जाकिर उन्हें नकली नोटों की आपूर्ति करता था, जिसे रफीकुल नाम का एक अन्य व्यक्ति बांग्लादेश से भारत में तस्करी करके लाता था। बयान में कहा गया है कि इसके बाद इस गिरोह के ज़रिए नकली नोट अलग-अलग राज्यों में पहुंचाए जाते थे।
₹25,000 के इनामी से उगलवाए जा रहे राज, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश
जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर एटीएस ने जाकिर पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था, जो काफी समय से फरार था। आरोपी को शुक्रवार को मालदा से गिरफ्तार किया गया और आगे की कानूनी कार्रवाई और पूछताछ के लिए उसे वाराणसी लाया गया। अधिकारियों ने बताया कि नकली नोट से जुड़े गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने के लिए उससे पूछताछ जारी है।