Edited By Ramkesh,Updated: 31 Oct, 2025 10:37 AM

कुशीनगर से दुखद समाचार है कि बौद्ध भिक्षु संघ के अध्यक्ष भदंत ज्ञानेश्वर का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे वर्मा देश (म्यांमार) के मूल निवासी थे और कई वर्षों से कुशीनगर में रहकर बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार में समर्पित थे। बौद्ध भिक्षु के निधन पर...
लखनऊ: कुशीनगर से दुखद समाचार है कि बौद्ध भिक्षु संघ के अध्यक्ष भदंत ज्ञानेश्वर का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे वर्मा देश (म्यांमार) के मूल निवासी थे और कई वर्षों से कुशीनगर में रहकर बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार में समर्पित थे। बौद्ध भिक्षु के निधन पर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बसपा सुप्रीमो मायावती ने शोक प्रकट किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा परमपूज्य बोधिसत्व बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के धम्मदीक्षा गुरु पूज्य भदन्त चन्द्रमणि महास्थवीर के सुयोग्य उत्तराधिकारी पूज्य भदन्त ज्ञानेश्र महास्थवीर जी, अध्यक्ष, कुशीनगर भिक्खु संघ का लगभग 90 वर्ष की आयु में आज देहावसान हो गया है।

देश-विदेश में फैले उनके अनुयायियों में अपार शोक एवं दुःख व्याप्त है। भदन्त ज्ञानेश्वर जी का देहावसान ना केवल बौद्ध जगत के लिए बल्कि मानव समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। भदन्त ज्ञानेश्वर महास्थवीर जी का सामाजिक, धार्मिक, शैक्षाणिक तथा सांकृतिक क्षेत्र में उनका रहा योगदान अनुकरणीय है। मैं अपनी व पार्टी की तरफ से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।

आप को बता दें कि भदंत ज्ञानेश्वर ने कुशीनगर में प्रसिद्ध वर्मीज पैगोडा (Burmese Pagoda) का निर्माण करवाया था, जो आज बौद्ध श्रद्धालुओं के प्रमुख तीर्थ स्थलों में गिना जाता है। उन्होंने बौद्ध धर्म की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने में अपना जीवन समर्पित किया। भदंत ज्ञानेश्वर बौद्ध संस्थान के अध्यक्ष भी रहे और उनके नेतृत्व में संस्था ने कई सामाजिक और धार्मिक कार्य किए। उनके निधन से कुशीनगर और अंतरराष्ट्रीय बौद्ध समुदाय में गहरा शोक व्याप्त है।