Edited By Ramkesh,Updated: 22 Apr, 2026 01:24 PM

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर पार्टी के रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ है और इस संबंध में पार्टी के अनुशासन के तहत किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन नहीं किया जाना चाहिए। मायावती ने...
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर पार्टी के रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ है और इस संबंध में पार्टी के अनुशासन के तहत किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन नहीं किया जाना चाहिए। मायावती ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि महिला आरक्षण के समर्थन में पार्टी का 15 अप्रैल का रुख यथावत है और कार्यकर्ताओं को बैठकों में इसकी जानकारी अवश्य देनी चाहिए, ताकि इस मुद्दे पर भ्रम की स्थिति न बने।
महिला आरक्षण का मायावती ने किया समर्थन
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय पर पार्टी अनुशासन का पालन करते हुए कोई आंदोलन नहीं किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 15 अप्रैल को एक पत्रकार वार्ता में मायावती ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का समर्थन करते हुए कहा था कि इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान होना आवश्यक है।
अपने "स्वार्थ और मजबूरियों" के कारण अन्य दल दे रहे समर्थन
उन्होंने कहा था कि ऐसा नहीं होने पर महिला आरक्षण का उद्देश्य काफी हद तक निष्प्रभावी हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी पार्टी लंबे समय से सभी वर्गों की महिलाओं को उनकी आबादी के अनुपात में 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग करती रही है, लेकिन अन्य दल अपने "स्वार्थ और मजबूरियों" के कारण इस पर सहमत नहीं हैं। मायावती ने बुधवार को कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वह पार्टी कार्यों के सिलसिले में दिल्ली जा रही हैं और कार्य पूरा होने के बाद शीघ्र लौटेंगी।
जनाधार बढ़ाने में जुट जाए कार्यकर्ता
उन्होंने निर्देश दिया कि संगठन को मजबूत करने, जनाधार बढ़ाने और आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए बैठकों में बसपा सरकार के दौरान हुए विकास कार्यों और जनहित योजनाओं की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बने कई एक्सप्रेस-वे और नोएडा में विकसित हवाईअड्डे सहित अनेक परियोजनाओं की रूपरेखा बसपा शासनकाल में तैयार की गई थी, जिन्हें बाद में आगे बढ़ाया गया।
"सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय" बसपा सरकार में ही संभव
मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश के समुचित विकास, सर्वसमाज की उन्नति और बेहतर कानून व्यवस्था के लिए "कानून द्वारा कानून का राज" तथा "सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय" की नीति पर आधारित बसपा का शासन ही प्रभावी विकल्प है।