70 करोड़ महिलाओं से विश्वासघात! Modi सरकार का पहला बिल जो संसद में फेल हुआ, रवि किशन बोले— 'विपक्ष का यह सबसे बड़ा पाप'

Edited By Anil Kapoor,Updated: 20 Apr, 2026 08:28 AM

opposition to women s reservation bill is the  biggest sin  ravi kishan

Gorakhpur News: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद रवि किशन ने रविवार को कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस सहित विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने को सबसे बड़ा पाप करार दिया। परशुराम जयंती के अवसर पर एक सभा...

Gorakhpur News: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद रवि किशन ने रविवार को कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस सहित विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने को सबसे बड़ा पाप करार दिया। परशुराम जयंती के अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं इस मुद्दे पर विपक्षी दलों को कभी माफ नहीं करेंगी। किशन ने कहा कि यह महिलाओं के खिलाफ किया गया सबसे बड़ा पाप है। उन्होंने बेटियों और माताओं को उनके अधिकारों से वंचित कर दिया है।

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भाजपा नेता ने कहा कि देश की करीब 1.4 अरब की आबादी में लगभग 70 करोड़ महिलाएं हैं, जो उचित प्रतिनिधित्व की हकदार हैं। उन्होंने परिसीमन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके जरिए गोरखपुर जैसे क्षेत्रों में सीटों की संख्या बढ़ सकती थी, जिससे महिला उम्मीदवारों के लिए अधिक अवसर पैदा होते। भाजपा सांसद ने विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वे महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने से डरते हैं और उन्हें घरेलू दायरे तक सीमित रखना चाहते हैं। 

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उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के समर्थन में 298 सदस्यों ने मतदान किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके खिलाफ वोट दिया। विधेयक को पारित होने के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी 352 मतों की आवश्यकता थी। विधेयक में 2029 के आम चुनावों से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने हेतु लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रावधान किया गया था। यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में संसद में कोई विधेयक पारित नहीं हो सका।

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