Edited By Anil Kapoor,Updated: 17 Apr, 2026 10:09 AM

Lucknow News: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल एससी, एसटी और ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों के मुद्दे पर लगातार अपना रुख...
Lucknow News: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल एससी, एसटी और ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों के मुद्दे पर लगातार अपना रुख बदलते रहे हैं और अब महिला आरक्षण के नाम पर भी राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। मायावती ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में इन वर्गों के आरक्षण को पूरी तरह लागू करने की दिशा में कभी ठोस पहल नहीं की।
OBC आरक्षण के संदर्भ में मंडल आयोग की सिफारिशों का जिक्र
मिली जानकारी के मुताबिक, उन्होंने ओबीसी आरक्षण के संदर्भ में मंडल आयोग की सिफारिशों का जिक्र करते हुए कहा कि इसे लागू कराने का श्रेय बसपा के प्रयासों और पूर्व प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह की सरकार को जाता है। सपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछड़े मुस्लिमों को ओबीसी का लाभ देने संबंधी आयोग की रिपोर्ट को सपा सरकार ने लंबे समय तक लागू नहीं किया, जबकि बसपा सरकार ने 1995 में इसे लागू किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अब वही सपा राजनीतिक स्वार्थ के तहत महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की बात कर रही है।
परिसीमन 2011 की जनगणना के आधार पर होना चाहिए: मायावती
महिला आरक्षण पर मायावती ने कहा कि परिसीमन 2011 की जनगणना के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस सत्ता में होती, तो वह भी भाजपा की तरह ही कदम उठाती। अपने बयान में उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि देश में एससी, एसटी, ओबीसी और मुस्लिम समाज के वास्तविक हितों को लेकर कोई भी पार्टी पूरी तरह गंभीर नहीं रही है। उन्होंने इन वर्गों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और अपने हितों को ध्यान में रखते हुए आत्मनिर्भर बनें।