Edited By Purnima Singh,Updated: 21 Apr, 2026 01:42 PM

लोकसभा में समाजवादी पार्टी (सपा) के मुख्य सचेतक और आजमगढ़ के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा है कि उनकी पार्टी संसद में निजी विधेयक पेश करेगी, जिसमें महिला आरक्षण कानून के तहत ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) और मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की मांग की...
बदायूं : लोकसभा में समाजवादी पार्टी (सपा) के मुख्य सचेतक और आजमगढ़ के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा है कि उनकी पार्टी संसद में निजी विधेयक पेश करेगी, जिसमें महिला आरक्षण कानून के तहत ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) और मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की मांग की जाएगी। यादव ने मीडिया से विशेष बातचीत में कहा कि विपक्ष ने 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून का समर्थन किया था, लेकिन सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी करने में तीन साल की देरी की।
उन्होंने सवाल उठाया, "अगर आरक्षण 2011 की जनगणना के आधार पर लागू किया जाना था, तो 2023 में नया मसौदा लाने की क्या जरूरत थी?" धर्मेंद्र यादव ने परिसीमन को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और असम में हुए परिसीमन के बाद विपक्ष का भरोसा कमजोर हुआ है और इसी कारण विपक्ष सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहा है। सपा सांसद ने आरोप लगाया कि मौजूदा कानून में ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं के प्रतिनिधित्व को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। उन्होंने इसे "सबसे बड़ी खामी" बताया।
यादव ने कहा, "इसी खामी को दूर करने के लिए समाजवादी पार्टी संसद में "निजी सदस्य विधेयक" लाने की तैयारी कर रही है।" कोई भी सांसद, जो मंत्री नहीं है, निजी सदस्य विधेयक पेश कर सकता है। यह उन जनहित के मुद्दों पर ध्यान खींचता है। धर्मेंद्र यादव ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण का समर्थन उनकी पार्टी हमेशा से करती रही है, लेकिन इसे सभी वर्गों की महिलाओं के लिए समान रूप से लागू करना जरूरी है। यादव ने कहा कि अफसोस की बात है कि सरकार की नियत इस बिल को लेकर बिल्कुल भी साफ नहीं है।